दिल्ली से सटे कौशांबी में बना सकेंगे आशियाना
गाजियाबाद। दिल्ली और नोएडा से सटे कौशांबी क्षेत्र में लोगों को आशियाना बनाने का जल्द अवसर मिलेगा। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से कौशांबी क्षेत्र में भूखंडों की योजना लाई जाएगी। क्षेत्र में जीडीए का 10600 वर्ग मीटर का बड़ा ग्रुप हाउसिंग भूखंड है। ऐसे में इस भूखंड का भू-उपयोग परिवर्तन कर छोटे आवासीय भूखंड काटे जाएंगे। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में भू-उपयोग परिवर्तन को हरी झंडी मिलने के बाद जनवरी 2022 में भूखंडों को बिक्री के लिए नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
150 से 250 वर्ग मीटर तक के काटे जा सकते हैं भूखंड
कौशांबी में बड़े ग्रुप हाउसिंग भूखंड को बेचने की जीडीए की योजना साकार नहीं हो पा रही थी। कई बार नीलामी में इस भूखंड को शामिल किया गया, लेकिन बड़ा भूखंड होने से कोई खरीदार आगे नहीं आया। कौशांबी क्षेत्र के सर्किल रेट के मुताबिक भूखंड का न्यूनतम आरक्षित मूल्य 82500 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। ऐसे में इस भूखंड की कीमत 87 करोड़ से अधिक है। अब प्राधिकरण ने बड़े ग्रुप हाउसिंग भूखंड को छोटे प्लॉट में परिवर्तित कर उसकी बिक्री की जाएगी। योजना में 150 से लेकर 250 वर्ग मीटर तक के भूखंड काटे जा सकते हैं।
दिल्ली से सटे होने से हाथों हाथ बिकेंगे भूखंड
दिल्ली से सटे होने की वजह से कौशांबी योजना में भूखंडों की मांग ज्यादा रहती है। ऐसे में कई सालों बाद प्राधिकरण ने छोटे भूखंड की बिक्री करने की योजना बनाई है। महानगर से बड़ी संख्या में लोग काम के लिए दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम आते जाते हैं। ऐसे में प्राधिकरण के इन भूखंडों को लोगों के हाथों हाथ लेने की पहले से संभावना है।
प्रयोग रहा सफल तो अन्य योजनाओं के ग्रुप हाउसिंग भूखंड लिए जाएंगे
बड़े ग्रुप हाउसिंग भूखंड का भू-उपयोग परिवर्तित कर छोटे भूखंडों की योजना लाने का जीडीए का प्रयोग अगर सफल रहता है तो इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। मधुबन बापूधाम, कोयल एंक्लेव सहित प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में बड़े ग्रुप हाउसिंग भूखंड हैं। ऐसे में यहां भी बड़ों की जगह छोटे भूखंड लाने पर विचार किया जाएगा।
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बोर्ड की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया होगी शुरू
कौशांबी में ग्रुप हाउसिंग भूखंड का भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद प्लॉट को छोटे भूखंड में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। -- आशीष शिवपुरी, सीएटीपी, जीडीए