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बात करते-करते खाली कर दिया खाता

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बात करते-करते खाली कर दिया खाता
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने फोन पर बात करते-करते विजयनगर के सेक्टर-9 निवासी एसबीआई के सेवानिवृत्त प्रबंधक प्रेम सिंह का खाता खाली कर दिया। जिस नंबर से कॉल आई, वह एसबीआई क्रेडिट का ही हेल्पलाइन नंबर था। कॉल 29 नवंबर की शाम करीब तीन बजे आई। कॉल करने वाली महिला ने पीड़ित का प्रोफाइल भी बताया, जिसके बाद उन्होंने कॉलर पर भरोसा कर ओटीपी बता दिया। फिर क्या था, खाते से 2 लाख 2 हजार 600 रुपये निकल गए। रकम कटने का मेसेज आने पर पीड़ित को घटना का पता चला। उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज दी है।
विश्वास नहीं है तो क्रेडिट कार्ड पर नंबर चेक कर लीजिए
प्रेम सिंह का कहना है कि उन्होंने प्वाइंट कैश कराने से इनकार कर दिया। इस पर कॉल करने वाली महिला ने कहा कि शायद उन्हें भरोसा नहीं है कि वह एसबीआई क्रेडिट कार्ड से बोल रही हैं। महिला ने कहा कि वह अपने क्रेडिट कार्ड पर लिखे कस्टमर केयर नंबर से उसके नंबर का मिलान कर लें। उन्होंने नंबर चेक किया तो वह एसबीआई क्रेडिट कार्ड का ही निकला। इस पर उन्हें भरोसा हो गया। इसकेबाद उसने क्रेडिट की लिमिट बढ़वाने का ऑफर दिया। महिला जैसे-जैसे कहती गई, वह करते गए।
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1700 रुपये लालच में आ गए
कॉलर : हेलो, मैं एसबीआई क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर से बात कर रही हूं। आपके क्रेडिट कार्ड के 3400 प्वाइंट्स हैं। आप इन्हें कैश क्यों नहीं कराते हैं।
पीड़ित : कितने प्वाइंट्स हैं। इनके बदले कितने पैसे मिलेंगे।
कॉलर : दो प्वाइंट्स के बदले एक रुपया मिलता है। इस तरह आपके 1700 रुपये बनते हैं। इन्हें आप पेटीएम के जरिये इस्तेमाल कर सकते हैं।
पीड़ित : मुझे इन झंझट में नहीं पड़ना। मैंने पेटीएम इस्तेमाल नहीं करता।
कॉलर : सर, आप तो हमारे ही बैंक में अधिकारी रह चुके हैं। क्या आप प्रक्रिया नहीं जानते। अगर भरोसा न हो तो कार्ड पर लिखे नंबर से हमारा नंबर मिलान कर लें।
पीड़ित : नंबर तो ठीक है। अच्छा बताइये, क्या करना पड़ेगा।
कॉलर : आपको 17 सौ रुपये तो मिलेंगे ही, साथ में लिमिट भी बढ़ जाएगी। आपके पास एक ओटीपी आएगा, उसे बता दीजिएगा।
पीड़ित : मेरे खाते से 2 लाख 2 हजार 600 रुपये कट गए हैं। यह कैसे हुआ। (इसके बाद कॉल कट गई)
ट्रेस किए जा रहे हैं ठग
हो सकता है कि एप के जरिये कस्टमर केयर का असली नंबर पीड़ित की स्क्रीन पर दर्शाया गया हो। नंबर तथा जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, उसके आधार पर ठगों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
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- सुमित कुमार, साइबर सेल प्रभारी
स्पूफ कॉल या मेल के झांसे में न आएं
- साइबर ठग अपने नंबरों से कॉल या इमेल आईडी से मेल करते हैं, लेकिन एप के जरिये वह मेल या कॉल नामी कंपनियों, बैंकों, संस्थानों का दिखाई देता है। इसे स्पूफ मेल या कॉल कहते हैं।
- कस्टमर केयर पर शिकायत करने के बाद ही उधर से कॉल आती है। अगर आपके कॉल किए बिना कस्टमर केयर से आपके पास कॉल आ रही है तो मामला गड़बड़ है।
- किसी भी तरह का ऑफर मिलने पर पहले उसकी प्री-वेरिफिकेशन कर लें।
- किसी भी सूरत में खाते, क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी न दें। ओटीपी किसी हाल में शेयर न करें।
(कर्मवीर सिंह, साइबर एक्सपर्ट, मेरठ जोन पुलिस)
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