रोडवेज में लगा रहे धक्का, बसों से गायब हैं फर्स्ट एड बॉक्स
गाजियाबाद। परिवहन निगम की बसों की स्थिति खराब है। कुछ बसों में चालक परिचालक धक्का लगाकर उन्हें स्टार्ट कर रहे हैं तो कुछ बसों में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं है। उनसे दवाईयां गायब हैं। दुर्घटना होने पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाएगा। किसी बस का शीश चटका है तो किसी के पहिए की स्थिति क्षतिग्रस्त है।
पुराना बस अड्डे से 51 बसें बुलंदशहर, मेरठ और मुजफ्फरनगर के लिए संचालित होती हैं। हर सप्ताह बसों की फिटनेस देखी जाती है, जिससे यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। सोमवार को बस अड्डे पर बसों की स्थिति देखी गई तो पता चला कि फर्स्ट एड बॉक्स से दवाईयां ही गायब हैं। चालक और परिचालकों ने कहा कि लोग बसों से दवाईयां चोरी कर लेते हैं। उन्हें क्या दवा बची है क्या नहीं बची इसके बारे में जानकारी नहीं। कुछ बसों के पहिए घिस चुके हैं, तेजी पर चलने से कभी भी हादसा हो सकता है।
धक्का लगाकर चालू करते हैं बस
हर महीने रोडवेज बसों की फिटनेस और मरम्मत का दावा करने वाले विभागीय अधिकारियों का सच सामने आया। डिपो के अंदर चालक और परिचालक धक्का मारकर बसों को स्टार्ट करते दिखे। प्रतिदिन यात्रा करने वाले दिनेश, मोहित और सुमित ने बताया कि वह मेरठ और बुलंदशहर आते जाते हैं। आए दिन देखते हैं कि बसों को धक्का मारकर स्टार्ट किया जाता है। किसी बस का शीश टूटा है तो किसी की सीट खराब हैं।
बस में लगी आग
डिपो के अंदर खड़ी रोडवेज की बस में सोमवार दोपहर शार्ट सर्किट से आग लग गई। बस में धुआं होने से सवारियां उतरकर भागीं। लोगों को लगा कि बड़ा हादसा हो सकता है। बस में मौजूद कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया और मैकेनिक को बुलाया।
- फार्स्ट एड बॉक्स गायब बसों के परिचालकों से होगी रिकवरी
एआरएम एनके वर्मा ने बताया कि सभी बसों में फार्स्ट एड बॉक्स चेक कराने के आदेश दिए हैं। सभी बसों में जरूरी दवाईयां होनी चाहिए। जिन बसों में नहीं मिलेंगी उनके परिचालकों से रिकवरी की जाएगी।