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कूड़ा उठा नहीं, अब कॉलोनियों में भी झाड़ू लगनी हुई बंद

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कूड़ा उठा नहीं, दो जोन में झाड़ू लगाने का काम भी हुआ बंद
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गाजियाबाद। शहर में लैंडफिल साइट न होने की वजह से कॉलोनियों में कूड़े के ढेर पहले से ही लगे हैं, अब झाड़ू लगना भी बंद हो गया। वेतन बढ़ोतरी की मांग के लिए एक सप्ताह से नगर निगम मुख्यालय में धरना दे रहे सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को कविनगर और विजयनगर जोन की कॉलोनियों में सफाई का काम भी ठप कर दिया है। धरनारत कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार से निगम के पांचों जोन में सफाई कार्य ठप करने की चेतावनी दी है।
बोर्ड प्रस्तावित सफाई कर्मचारियों को 14900 रुपये प्रतिमाह और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को 7500 रुपये से बढ़ाकर 9224 रुपये प्रतिमाह दिए जाने की मांग के लिए नगर निगम सफाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने एक सप्ताह पहले निगम मुख्यालय में धरना शुरू किया था। आंदोलन में उद्यान विभाग में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत माली और स्वास्थ्य विभाग के ड्राइवरों ने भी समर्थन कर वेतन बढ़ाने की मांग की थी। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने मंगलवार को मालियों को नवंबर में मिलने वाले अक्तूबर माह के वेतन में बढ़ोतरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सफाई कर्मचारियों के संबंध में घोषणा नहीं की। एक सप्ताह में नगर निगम अधिकारियों और आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बनी। सफाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष राहुल चौहान ने बताया कि मांगें न मानीं जाने के विरोध में बुधवार से सफाई कर्मचारियों ने कविनगर और विजयनगर जोन में सफाई कार्य ठप कर दिया। बृहस्पतिवार से वसुंधरा, मोहन नगर और सिटी जोन में भी सफाई का काम ठप कर दिया जाएगा। जब तक वेतन बढ़ोतरी की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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दो दिन बाद घरों से कूड़ा कलेक्शन भी बंद करने की चेतावनी
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि नगर निगम अधिकारियों ने दो दिन में वेतन बढ़ोतरी की मांग न मानीं तो सभी जोन में सफाई कार्य ठप करने के बाद घरों से कचरा उठाना भी बंद कर दिया जाएगा। निगम के सभी गैराजों पर ताला डाल दिया जाएगा और वाहनों को बाहर नहीं निकलने देंगे।
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बोर्ड में प्रस्ताव पास तो अफसर क्यों नहीं कर रहे लागू : मोर्चा
सफाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष राहुल चौहान का कहना है कि सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के लिए बीते चार साल में कई बार आंदोलन हो चुके हैं। करीब तीन माह पहले हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों ने भी कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव को पास कर सहमति दे दी है। इसके बाद भी निगम अधिकारी इसे लागू नहीं कर रहे हैं।
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अपर नगरायुक्त ने की वार्ता, नहीं बनी सहमति
बृहस्पतिवार को अपर नगरायुक्त आरएन पांडेय और उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज सिंह आंदोलनरत कर्मचारियों से वार्ता करने मंच पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को वेतन में जल्द ही वेतन बढ़ोतरी करने का आश्वासन दिया। कर्मचारी सिर्फ आश्वासन पर धरना खत्म करने को राजी नहीं हुए। आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि निगम अधिकारी दबाव डालकर धरना खत्म कराना चाहते हैं, लेकिन धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक बढ़ा वेतन नहीं मिलेगा।
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