विस्तारा इंडिया समेत तीन कंपनियों के 20 निदेशकों व अधिकारियों पर गबन का केस
गाजियाबाद। डूडाहेड़ा में सुशांत एक्वापॉलिस नाम की परियोजना में विभिन्न कंपनियों द्वारा अंसल ग्रुप का साढ़े 22 करोड़ रुपये गबन करने का मामला सामने आया है। मामले में अंसल ग्रुप की सहयोगी कंपनी कतरा रियल्टर्स प्रा.लि. कंपनी के प्राधिकृत अधिकारी ने केस दर्ज कराया है। तहरीर के आधार पर विजयनगर पुलिस ने श्रेय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. कंपनी, विस्तारा इंडिया प्रा.लि. तथा पॉम प्रोडक्ट्स प्रा.लि. कंपनी के 20 निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कतरा रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधिकृत प्राधिकारी प्रताप मेहता ने विजयनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनकी कंपनी अंसल अर्बन कंडोमेनियम कंपनी की सहयोगी कंपनी है। कंपनी द्वारा विजयनगर के डूडाहेड़ा में सुशांत एक्वापॉलिस के नाम से एक परियोजना विकसित की जा रही है। परियोजना के विकास के लिए 28 जुलाई 2015 को इंडो स्टार कैपिटल प्रा.लि. पश्चिम विहार नई दिल्ली के साथ क्रेडिट फेसिलिटी करार हुआ। यह भी तय हुआ था कि धनराशि सुशांत एक्वापॉलिस परियोजना में निवेश होनी थी। पूर्व क्रेडिट फेसिलिटी के रूप में डेढ़ करोड़ रुपये की धनराशि सुनिश्चित की गई थी, जो कि अहस्तांतरित थी। इसके बावजूद एक कंपनी को ऋण पत्र हस्तांतरित कर दिए गए और इसकी सूचना कंपनी को भी नहीं दी गई। अंसल ग्रुप का साढ़े 22 करोड़ रुपये गबन किया गया।
तीन नामी कंपनियों पर आरोप
दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, श्रेय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. कंपनी, विस्तारा इंडिया प्रा.लि. तथा पॉम प्रोडक्ट्स प्रा.लि. कंपनी द्वारा यह फर्जीवाड़ा किया गया। आरोप है कि पॉम प्रोडक्ट्स कंपनी की कार्यशैली पूंजी मात्र 43.63 लाख रुपये है, ऐसे में वह 300 करोड़ के ऋण पत्रों वाली कंपनी श्रेय इंफ्रास्ट्रक्चर को कैसे खरीद सकती है।
तीनों कंपनियों के निदेशकों व अधिकारियों पर केस
विजयनगर पुलिस ने श्रेय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. कंपनी, विस्तारा इंडिया प्रा.लि. तथा पॉम प्रोडक्ट्स प्रा.लि. कंपनी के निदेशकों व अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इनमें पश्चिम बंगाल निवासी गमेश बागरी, रोहित डागा, श्रीनिवासाचारी रामगोपाल, श्यामलेंदु चटर्जी, संदीप कुमार लखोटिया, हेमंत कनौनिया, तमालीसेन गुप्ता, आरके अग्रवाल, संदीप कुमार सुलतानिया, मलग मुखेरी, पुनीता कुमार सिन्हा, राकेश कुमार भुटोनिया, प्रकाश सिरोहिया, अम्रिताश सिरोहिया, महाराष्ट्र निवासी दीप्ति जैन, राएंद्र कश्यप, गोपाल कृष्णन, दुबारता सरका, शिखा अंकुर बकैई तता जोनाटन माइकल किलीफटन शामिल हैं।
विवेचना के बाद होगी कार्रवाई
विभिन्न कंपनियों के 20 निदेशकों व अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन व धमकी का केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो तथ्य प्रकाश में आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
महीपाल सिंह, सीओ प्रथम