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जुड़वां भाईयों के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में मिले रोमांचकारी गेम

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जुड़वां भाईयों के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में मिले रोमांचकारी गेम
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गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रांड कारनेसिया सोसायटी में शनिवार रात 25वीं मंजिल से गिरकर जुड़वां भाइयों सत्य नारायण और सूर्य नारायण की मौत के मामले में पुलिस चार दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। दोनों भाई रोमांचक खेल खेलने के शौकीन थे। दोनों के मोबाइलों की सर्च हिस्ट्री खंगालने के दौरान पुलिस को यह पता चला है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या और हादसे की दिशा में जांच जारी है।
सोमवार सुबह दोनों भाइयों के अंतिम संस्कार के बाद देर शाम एसपी सिटी निपुण अग्रवाल सीओ व एसएचओ ने पीड़ित परिवार से बातचीत की थी। इस दौरान दोनों भाइयों की किताबों को खंगालने के बाद पुलिस ने सर्च हिस्ट्री खंगालने के लिए उनके मोबाइल कब्जे में लिए थे। बुधवार को साइबर सेल ने मोबाइलों को खंगालना शुरू किया। सबसे पहले इंटरनेट की सर्च हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि दोनों भाई ऑनलाइन गेम खेलने के शौकीन थे। दोनों ने सर्वाधिक उन गेम को सर्च किया, जिनमें रोमांच भरा था।
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गेम एप डाउनलोड मिले
पुलिस के मुताबिक दोनों भाइयों के मोबाइल में गोम एप डाउनलोड मिले हैं। आमतौर पर अधिकांश बच्चे इन एप के जरिये गेम खेलते हैं। अभी तक की जांच में सामने आया है कि दोनों के मोबाइल में कोई आपत्तिजनक सर्चिंग नहीं मिली है। साथ ही ब्ली व्हेल जैसा कोई गेम भी बच्चों द्वारा सर्च नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि मोबाइल में ईमेल आईडी, कॉल डिटेल, व्हॉट्स चैटिंग भी देखी जा रही है। बुधवार शाम तक इंटरनेट की कुछ सर्च हिस्ट्री सामने आई है। अभी प्ले-स्टोर, यू-ट्यूब की सर्च हिस्ट्री खंगालनी बाकी है।
हादसे का सामना नहीं करना चाहती थी मां
दोनों जुड़वां बेटों की 25वीं मंजिल से गिरकर मौत होने के बाद मां नीचे नहीं आई थी। यह बात पुलिस को भी खटकी थी। हालांकि, डेढ़ घंटे बातचीत के दौरान पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि मां हादसे का सामना नहीं करना चाहती थी। कमरे में बच्चों के न मिलने तथा नीचे कुछ लोगों की हलचल देखने के बाद उन्होंने पति को फोन किया था। उनसे बच्चों की मौत की बात छिपाई गई थी। सुबह पति मुंबई से लौटकर आए तो उन्होंने अपने तरीके से हादसे में बच्चों की मौत की बात बताई।
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स्कूल बंद, सहपाठियों व अध्यापकों से नहीं हुई पूछताछ
दोनों बच्चे छह माह से सिद्धार्थ विहार स्थित डीपीएस में पढ़ते थे। इससे पहले वह छह साल तक नोएडा इंटरनेशनल स्कूल में पढ़े। बच्चों के फ्रेंड सर्किल का पता लगाने के लिए पुलिस ने दोनों स्कूलों में सहपाठियों व शिक्षकों से पूछताछ करने का फैसला लिया था। लेकिन मंगलवार को स्कूलों की छुट्टी होने के कारण यह संभव नहीं हो सका। सीओ प्रथम महीपाल सिंह का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। अभी तक हादसा प्रतीत हो रहा है।
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