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ओवर स्पीड या कोई और वजह... टेक्निकल मुआयने से चलेगा पता

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ओवर स्पीड या कोई और वजह...टेक्निकल मुआयने से चलेगा पता
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गाजियाबाद। लालकुआं से गाजियाबाद की तरफ आ रही बस बुधवार रात डिवाइडर तोड़कर गलत दिशा में बाइक सवार को कुचलते हुए नीचे आ गिरी। आखिरकार इस हादसे की वजह क्या थी, पुलिस दूसरे दिन भी इसका पता नहीं कर सकी। घटना को लेकर पुलिस, बस ड्राइवर और मृतक के परिजनों की कहानी अलग-अलग है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि बस चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। शुक्रवार को टेक्निकल मुआयने के बाद पता चलेगा कि हादसे की वजह ओवर स्पीड या कुछ और तकनीकी खामी तो नहीं है।
बुधवार को एलजी कंपनी की बस ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद के कर्मचारियों को छोड़ने आ रही थी। रात करीब पौने 9 बजे लालकुआं से गाजियाबाद आते वक्त बस जैसे ही भाटिया मोड़ आरओबी पर पहुंची तो अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए रांग साइड में पहुंच गई और उस लेन में आ रहे बाइक सवार को कुचलते हुए आरओबी की रेलिंग को तोड़ते हुए नीचे आ गिरी। बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस चालक समेत पांच लोग घायल हो गए थे। घायलों में सर्विस रोड से जा रहा इंजीनियरिंग का छात्र भी आसिफ भी शामिल था। घटना के बाद एसएसपी ने टायर फटने से हादसा होने की बात कही थी, लेकिन बृहस्पतिवार को पता चला कि बस के सभी टायर सुरक्षित हैं।
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चालक ने बाइक सवार को बताया जिम्मेदार
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि नोएडा के सलारपुर निवासी महेंद्र सिंह बस चला रहा था। देर रात पता चला कि वह सर्वोदय अस्पताल में भर्ती है। रीढ़ की हट्टी टूटने के साथ-साथ उसे अन्य गंभीर चोट आई हैं। उसने बताया कि एक बाइक सवार बस के आगे चल रहा था। आरओबी पर उसने एकाएक ब्रेक लगा दिए। उसे बचाने के चक्कर में बस अनियंत्रित हो गई और आरओबी से नीचे जा गिरी।
मृतक के परिजनों ने बस चालक की गलती बताई
बस की चपेट में आए बाइक सवार की पहचान अरुण एंक्लेव सेकेंड गिरधरपुर रोड छपरौला, ग्रेटर नोएडा निवासी बृजेश कुमार पांडेय (31) के रूप में हुई है। उनके भाई अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि वह मूलरूप से अमेठी के गांव जेठूपुर के रहने वाले हैं। बृजेश गुरुग्राम की डिजाइनर कंपनी में इंजीनियर थे। वह बाइक से गाजियाबाद शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन तक बाइक से आते-जाते थे और वहां से गुरुग्राम का सफर मेट्रो से तय करते थे। बुधवार को वह मेट्रो से बाइक लेकर घर लौट रहे थे। भाटिया मोड़ आरओबी पर लालकुआं की तरफ से तेज रफ्तार में आ रही बस ने रांग साइड आकर उनके भाई को कुचल दिया। चालक की लापरवाही से हादसा हुआ।
जान बचाने को बस से कूद गया था चालक
डिवाइडर तोड़कर बस दूसरी लेन में दौड़ी तो उस पर से चालक का नियंत्रण पूरी तरह खो गया था। अपनी जान बचाने के लिए चालक बस के नीचे गिरने से पहले ही उससे कूद गया था। हालांकि, आरओबी से नीचे गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बस के नीचे गिरते ही लोगों ने उसे भी राहगीर समझा और अस्पताल में भर्ती करा दिया।
घायलों में दो की हालत गंभीर
एसपी सिटी ने बताया कि चालक महेंद्र सात कर्मचारियों को लेकर ग्रेटर नोएडा से चला था। तीन कर्मचारी रास्ते में उतर गए थे। हादसे के वक्त उस समेत पांच लोग मौजूद थे। हादसे में कर्मचारी योगेश निवासी शास्त्रीनगर, सुनील निवासी गोविंदपुरम, दीपक निवासी राजनगर एक्सटेंशन, चालक महेंद्र और सर्विस पर जा रहा लोहारपुरी निवासी इंजीनियरिंग का छात्र आसिफ घायल हुआ है। एमएमजी में भर्ती चालक और यशोदा अस्पताल में भर्ती सुनील की हालत गंभीर बनी हुई है।
जेहन से नहीं उतरी घटना, लोगों ने गिनाई खामियां
गाजियाबाद। जिस स्थान पर बस आरओबी से गिरी, वहां सर्विस रोड की बगल में आबादी बसी है। बुधवार रात हुए हादसा लोगों को जेहन से नहीं उतर पा रहा है। उनका कहना है कि आरओबी की दीवार में उगा पीपल का पेड़ न होता तो और जानें जा सकती थीं। उन्होंने आरओबी के निर्माण में रोड इजीनियरिंग की कमी को हादसे का कारण बताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस डिवाइडर तोड़ती हुई दूसरी साइड में आ गई, जिससे डिवाइडर की गुणवत्ता और वर्तमान हालत का पता चलता है। इसके अलावा आरओबी की दीवार की तरफ दो स्लॉप के बाद लोहे की रेलिंग लगी हुई है, जो कि बड़े वाहन को रोकने में पूरी तरह नाकाम है। लोगों का कहना है कि आरओबी की दीवार की साइड में लगे स्लॉप ऊंचे उठाए जाएं तथा रेलिंग की तरह आरसीसी की दीवार बनाई जाए।
कोट
जिस जगह बस आरओबी से नीचे गिरी, मैं वहीं मेडिकल स्टोर चलाता हूं। तेज आवाज होते ही आरओबी पर एक्सीडेंट होने का पता चल गया था। लेकिन पलक झपकते ही एक बस रेलिंग तोड़ते हुए नीचे आ गिरी। पीपल के पेड़ ने बस को कुछ देर के लिए रोक लिया था, जिसके चलते सर्विस रोड पर मौजूद लोगों को भागने का मौका मिल गया।
- संजय, मेडिकल स्टोर संचालक
कोट
रात को पौने 9 बज चुके थे। अगर हादसा आधा घंटे पहले होता तो बड़ी तबाही हो जाती। क्योंकि, उस दौरान सर्विस रोड लोगों से भरी रहती है। हादसे से सबक लेते हुए प्रशासन को डिवाइजर की गुणवत्ता की जांच कराते हुए साइड की दीवार पर रेलिंग की बजाय आरसीसी की दीवार लगवानी चाहिए।
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- धीरज सोनी, सराफ
चार सदस्यीय टीम करेगी हादसे की जांच
गाजियाबाद। बस गिरने के मामले की जांच के जांच सिटी मजिस्ट्रेट करेंगे। उनकी टीम में तीन अन्य अधिकारी रहेंगे। यह टीम घटना के कारणों का पता लगाएगी। टेकिभनकल मुआयना कराया जाएगा। डीएम ने एक सप्ताह के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी है। सिटी मजिस्ट्रेट गंभीर सिंह की अध्यक्षता में गठित टीम में सीओ द्वितीय अवनीश कुमार, एआरटओ प्रवर्तन, आरआई टेकिभनकल टीम में शामिल हैं। डीएम के आदेश के बाद टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि हर पहलू से घटना की जांच की जाए। बुधवार को घटना की सूचना के बाद घायलों का हालचाल जानने डीएम अस्पताल पहुंचे थे। कुछ लोगों ने मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की।
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