जीटी रोड के लिए बनेगा नया
ट्रैफिक प्लान, नहीं लगेगा जाम
गाजियाबाद। जीटी रोड के यातायात को नियंत्रित करने और जाम को खत्म करने के लिए नए सिरे से ट्रैफिक प्लान बनेगा। धोबीघाट आरओबी शुरू होने से पहले जीडीए, यातायात पुलिस और पीडब्ल्यूडी के समन्वय से जीटी रोड के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार होगा। ट्रैफिक प्लान में निर्माण संबंधी कार्यों का पूरा खर्च जीडीए वहन करेगा। योजना के तहत माह के अंत तक बैठक प्रस्तावित है। वहीं, अगले माह दिवाली के बाद प्लान पर काम शुरू हो सकता है।
स्थायी तौर पर बंद होगे कई कट, नए यू-टर्न बनेंगे
जीटी रोड पर जाम का मुख्य कारण सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण, अवैध कट और यू-टर्न की कमी है। जीटी रोड पर वाहनों के दबाव को लेकर अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी लिमिटेड (यूएमटीसी) ने जीडीए को अपनी सर्वे रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में भी कई कटों को बंद करने के साथ नए यू-टर्न के निर्माण का सुझाव दिया गया था। अब इस रिपोर्ट के महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल कर नया ट्रैफिक प्लान बनाया जाएगा। फिर जीडीए की अन्य विभागों के साथ होने वाली समन्वय बैठक में नए बिंदुओं और सुझावों को शामिल कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
जनवरी तक तैयार होगा धोबीघाट आरओबी
लाइनपार क्षेत्र के लोगों को जनवरी 2022 में धोबीघाट आरओबी की सौगात मिलने की संभावना है। रेलवे की एजेंसी ने धोबीघाट आरओबी के दूसरे स्टिंग बो गर्डर (धनुषाकार पुल का पहला हिस्सा) लॉंच करने की तैयारी शुरू कर दी है। 76.5 मीटर लंबे और 650 टन वजनी दूसरे गर्डर को दिसंबर के आखिर या फिर 2022 जनवरी के शुरुआत में लॉंच करने की योजना है। ऐसे में जीटी रोड चौधरी मोड़ पर उतरने वाले दूसरे धोबीघाट आरओबी से पहले ट्रैफिक प्लान को पूरा किया जाना है।
सुबह-शाम जीटी रोड पर लगता है जाम
जीटी रोड का जाम शहरवासियों की परेशानी का कारण बना हुआ है। वाहनों का अधिक दबाव होने के कारण पूर्व में बने सभी प्लान ध्वस्त हो चुके हैं। जीटी रोड को पार करने में लोगों को आधे से एक घंटा लगता है। अब धोबीघाट आरओबी शुरू होने पर चौधरी मोड़ और जीटी रोड पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक प्लान को लेकर जीडीए सहित अन्य विभाग गंभीर हैं।
आरओबी निर्माण की प्रगति रिपोर्ट मिलने का इंतजार
धोबीघाट आरओबी की प्रगति रिपोर्ट मिलने के साथ ही जीटी रोड के ट्रैफिक प्लान पर काम शुरू कर दिया जाएगा। ट्रैफिक प्लान में सिविल संबंधी होने वाले कार्यों का खर्च प्राधिकरण वहन करेगा। प्लान को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों के सुझाव दिए जाएंगे।
- कृष्णा करुणेश, उपाध्यक्ष, जीडीए