1100 करोड़ से दूर होगा बिजली संकट
गाजियाबाद। जिले में बिजली संकट दूर करने के लिए 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 39 नए बिजलीघर बनेंगे। 3674 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। बिजलीघर से लेकर उपभोक्ता आपूर्ति होने में जो भी दिक्कतें हैं, उनको दूर किया जाएगा। 11257 किलोमीटर एरिया में विद्युत चोरी रोकने के लिए कवर्ड लाइन बिछाई जाएगी। 2026 तक इस योजना को अमलीजामा पहनाना है। इस पर काम शुरू हो गया है।
यह काम पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना के तहत किया जाएगा। इसमें नए बिजलीघरों के निर्माण से लेकर लाइन बदलने तक के प्रस्ताव तैयार कर एमडी कार्यालय को भेजे गए हैं। केंद्र सरकार की योजना के तहत अगले साल तक बिजली सुधार की दिशा में कार्य शुरू होने की उम्मीद है। योजना के तहत अगस्त में विद्युत निगम के अधिकारियों ने सर्वे का काम पूरा किया। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की गई। योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में डासना, मुरादनगर, मोदीनगर, लोनी सहित अन्य में आपूर्ति बेहतर होगी। इसके अलावा नए कृषि फीडर का लाभ भी उपभोक्ताओं को मिलेगा, जबकि शहरी क्षेत्र में फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से अपग्रेड किया जाएगा। बिजली चोरी रोकने के लिए भी जिले भर में कवर्ड लाइन बिछाने का काम विद्युत निगम करेगा। इससे कटिया डालकर बिजली चोरी करने वालों पर नकेल लग सकेगी।
इस तरह होगा बदलाव
योजना के तहत जिले में 39 नए बिजलीघर, 33 केवी के 66 फीडर का विभक्तिकरण, 70 बिजलीघरों की क्षमता वृद्घि, 3674 नए ट्रांसफार्मर लगाने, 9 कृषि फीडर, 3315 ट्रांसफार्मर की अर्थिंग, 221 किलोमीटर 33 केवी, 1965 किलोमीटर 11 केवी और 3486 मीटर एलटी लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा 11257 किलोमीटर एरिया में विद्युत चोरी रोकने के लिए कवर्ड लाइन बिछाई जाएगी। जबकि 237 किलोमीटर 33 केवी, 1327 किलोमीटर 11 केवी और 2048 किलोमीटर एलटी लाइन को अंडरग्राउंड डाला जाएगा। इसके अलावा 38 हजार क्षतिग्रस्त विद्युत खंभों को बदला जाएगा।
ट्रांसफार्मर की फेंसिंग से रुकेंगे हादसे
जिले में 2824 ट्रांसफार्मर का चबूतरा तैयार कर फेंसिंग का कार्य कराया जाएगा। ट्रांसफार्मर से होने वाले हादसों पर फेंसिंग कार्य होने से लगाम लग सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि योजना में 60 फीसदी खर्च केंद्र सरकार जबकि 40 फीसदी खर्च राज्य सरकार करेगी।
2026 तक कार्य पूरा कराने का लक्ष्य
योजना के तहत 2026 तक सभी कार्यों को पूरा किया जाना है। आवासीय क्षेत्रों के विस्तार को देखते हुए आने वाले चार साल में 30 फीसदी तक बिजली की मांग बढ़ सकती है। इस साल जून-जुलाई में ही बिजली की मांग 200 मेगावाट तक बढ़ गई थी। दो महीनों में फॉल्ट के मामले भी सामने आए थे। विजयनगर, संजयनगर, मेरठ रोड, नंदग्राम जैसे क्षेत्रों में फॉल्ट की सबसे अधिक शिकायतें रहीं। ऐसे में इन क्षेत्रों में भी बिजली का संकट दूर होगा।
पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना का प्रस्ताव निगम मुख्यालय भेजा गया है। इनका सत्यापन होने के बाद कार्यों को अगले साल तक शुरू कराए जाने की उम्मीद है।
- शुचींद्र कुमार पुरवार, मुख्य अभियंता
विद्युत निगम
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