रोजाना 100 चालान, फिर भी
उल्टी दिशा में दौड़ रहे वाहन
गाजियाबाद। पांच लोगों की मौत और कई हादसों के बाद भी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर उल्टी दिशा में वाहन चलाने पर रोक नहीं लग पा रही है। एनएचएआई ने उल्टी दिशा में चलने वाले वाहनों को रोकने के लिए मार्शल तैनात किए और एसएसपी ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी। ट्रैफिक पुलिस उल्टी दिशा में वाहन दौड़ाने वालों पर कार्रवाई कर रोजाना 100 से 120 चालान कर रही है, लेकिन हालात बदले नहीं है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुए 65 सड़क हादसों में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है। 6 सितंबर को उल्टी दिशा में मेरठ की ओर जाते मिनी ट्रक और कार की भिड़ंत में पांच लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद एनएचएआई ने उल्टी दिशा में चलने वाले वाहनों को रोकने के लिए दिल्ली से मेरठ तक हर एंट्री प्वाइंट पर मार्शल तैनात किए। ट्रैफिक पुलिस ने भी विजयनगर, एबीईएस कट के पास और आईएमएस डासना के पास स्टाफ तैनात किया। अधिकारियों का दावा है कि एक से 15 सितंबर तक उल्टी दिशा में चलने वाले 1595 वाहनों का चालान किया गया और 20 वाहन सीज किए गए। इस साल 12 हजार से ज्यादा चालान सिर्फ रांग साइड वाहनों के किए गए। बावजूद इसके यातायात नियमों को तोड़कर उल्टी दिशा में वाहन चलाने वाले नहीं सुधर रहे हैं।
अकड़ते भी है नियम तोड़ने वाले
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर उल्टी दिशा में वाहन चलाने वाले लोग रोके जाने पर एनएचएआई के मार्शलों और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के ऊपर अकड़ भी दिखाते हैं। इससे उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत मार्शलों को हो रही है, उन्हें न तो चालान करने का अधिकार है और न ही उनके साथ पुलिस रहती है।
यहां से उल्टी दिशा में जाते हैं वाहन
लालकुआं के पास
आईएमएस डासना के पास
विजयनगर कट के पास
क्या है कारण
1. आईएमएस डासना के पास बने कट पर ज्यादातर वाहन चालक ईंधन बचाने के चक्कर में दिल्ली की ओर जाकर यू टर्न से वापस आने की बजाय उल्टी दिशा में ही एक्सप्रेसवे पर सवार हो जाते हैं। यहां से एक्सप्रेसवे पर आने के बाद सड़क पर कट न होने की वजह से भोजपुर तक उन्हें सही लेन में जाने का मौका नहीं मिल पाता है।
2. दिल्ली की ओर से लालकुआं पर आकर जीटी रोड पर जाने वाले वाहन चालकों को सर्विस लेन पर आना पड़ता है। मेट्रो मॉल के पास आकर वाहन चालक भ्रमित हो जाते हैं। यहां दिशा सूचक न होने की वजह से वाहन चालकों को जीटी रोड पर जाने वाली लेन का पता नहीं चल पाता और वह एक्सप्रेसवे पर ही आगे चले जाते हैं। बाद में वह वाहनों को वापस उल्टी दिशा में ही लाकर जीटी रोड पर आते हैं।
यह है समाधान
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट ज्यादा हैं, लेकिन दिशासूचकों की संख्या कम है। वाहनों की रफ्तार ज्यादा होने की वजह से चालकों को सही रास्ता पता नहीं चल पाता है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर दिशा सूचक बोर्ड की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि एंट्री व एग्जिट प्वाइंट आने से पहले ही उन्हें पता चल सके कि किस लेन पर वाहन ले जाना है।
गलत दिशा वाले वाहनों के चालान का ब्यौरा
माह चालान
जनवरी 375
फरवरी 887
मार्च 1225
अप्रैल 1130
मई 1580
जून 2275
जुलाई 1857
अगस्त 1460
सितंबर 1595
नोट : ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े।
ट्रैफिक पुलिसकर्मी बढ़ाएंगे
चालान कटने से उल्टी दिशा में वाहन चलाने वालों की संख्या कम तो हुई है, लेकिन अभी लोग यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। डीएमई पर चालान करने वाली टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक