सुसाइड नोट लिखकर प्रॉपर्टी डीलर ने निगला जहर, मौत
गाजियाबाद। विश्वासघात से आहत विजयनगर के सिद्धार्थ विहार निवासी प्रॉपर्टी डीलर ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। जहर खाने से पहले प्रॉपर्टी डीलर ने एसएसपी को संबोधित एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। परिजनों द्वारा सुसाइड नोट देने के बाद विजयनगर पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने, अमानत में खयानत करने और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
सिद्धार्थ विहार निवासी मुलकराज प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। उनके बेटे आकाश कुमार ने बताया कि मवई विजयनगर निवासी राजेंद्र नागर की सिद्धार्थ विहार बागू में जमीन थी। उनके पिता मुलकराज ने इस जमीन में कई प्लॉट का सौदा 21 सौ रुपये वर्ग गज के हिसाब से तय किए थे। जिन लोगों को प्लॉट दिए जाने थे, उनकी कुछ रकम भी उनके पिता के पास आ गई थी। जिसके बाद पिता ने 9 लाख 31 हजार रुपये राजेंद्र नागर को दे दिए थे। आकाश का आरोप है कि राजेंद्र नागर ने उनके पिता से प्लॉटों का बैनामा जल्द कराने की बात की थी, लेकिन काफी समय बाद भी बैनामा नहीं हुए। इसके बाद उनके पिता राजेंद्र नागर के घर पहुंचे। आरोप है कि राजेंद्र नागर ने उनके पिता के साथ गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसने कहा कि अगर 24 सौ रुपये प्रतिवर्ग गज के हिसाब से रकम मिलने पर ही वह आगे बात करेगा। आकाश कहना है कि इसके अलावा खोड़ा कॉलोनी निवासी निर्मेश यादव और कालू यादव ने कमीशन के नाम पर तीन लाख रुपये भी ले लिए। आरोपियों ने एक भी पैसा देने से इंकार कर दिया। इसी बात से आहत होकर उनके पिता ने 31 अगस्त को जहरीला पदार्थ खा लिया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बुधवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
सुसाइड नोट से हुई जानकारी
आकाश कुमार का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी उन्हें तब हुई, जब उन्होंने पिता का सुसाइड नोट देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका-मुआयना कर घटना की जानकारी ली। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सुसाइड नोट में लेखनी की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट फोरेंसिक लैब भेजा जा सकता है।