मकान खाली करने की एवज में मांगी 50 लाख की रंगदारी
गाजियाबाद। पटेल नगर सेकेंड में मकान खाली करने की एवज में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित व्यक्ति ने अपने दो मामा व ममेरे भाईयों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी, धमकी, मारपीट और रंगदारी का केस दर्ज कराया है। पीड़ित का आरोप है कि मकान खाली करने के लिए कहने पर आरोपी पूरे परिवार की हत्या की धमकी दे रहे हैं।
कैला भट्ठा निवासी शाहिद मलिक का कहना है कि उनकी मां नूरजहां व मामा यासीन के नाम 1988 में जीडीए द्वारा 471 वर्ग मीटर का एक प्लॉट पटेल नगर में आवंटित हुआ था। प्लॉट की रजिस्ट्री दोनों के नाम से संयुक्त रूप से हुई थी। मां ने मामा को 50 लाख रुपये देकर 1 दिसंबर 2017 को एक अनुबंध-पत्र व मुख्त्यारनामा करा लिया था। इसके अलावा उसी दिन विपक्षी ने प्लॉट के संबंध में एक वसीयतनामा पंजीकृत कराया। शाहिद मलिक का कहना है कि वर्तमान में जीडीए ने उनकी मां के नाम प्लॉट का म्यूटेशन (नाम परिवर्तन) कर लिया है। इसके अलावा उनकी मां ने मामा की सहमति से उनके हिस्से की रजिस्ट्री भी करा ली है। इसके बावजूद मामा व ममेरे भाई साजिश के तहत उनकी मां के प्लॉट पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को कब्जा कराना चाहते हैं।
पुलिस ने नहीं सुना तो जाना पड़ा कोर्ट
शाहिद मलिक का कहना है कि मकान के बैनामे के वक्त मामा, उनके बड़े भाई मोहम्मद यूनुस व बेटे उस्मान और फरहान मौजूद थे, जिन्होंने एक माह में मकान खाली करने की बात कही थी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। आरोप है कि मकान खाली करने के नाम पर आरोपियों द्वारा 50 लाख की मांग की जा रही है। मकान खाली करने के लिए कहने पर आरोपी झूठे केस में फंसाने और पूरे परिवार की हत्या की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। सिहानीगेट एसएचओ मिथिलेश उपाध्याय का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर पीड़ित के दो मामा व दो ममेरे भाईयों पर केस दर्ज कर लिया है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।