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मनमानी ः आधार कार्ड की फीस 50 रुपये, वसूल रहे 500

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मनमानी : आधार कार्ड की फीस 50 रुपये, वसूल रहे 500
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गाजियाबाद। आधार कार्ड की अनिवार्यता बढ़ते जाने के साथ इसे बनवाने वाले जन सुविधा केंद्र मनमानी वसूली करने लगे हैं। तय शुल्क 50 रुपये है जबकि वसूल रहे हैं 500 तक। दस गुना वसूली सिर्फ नया कार्ड बनाने में नहीं, पुराने में नाम-पता ठीक कराने में भी की जा रही है। जिम्मेदार अफसर इतने बेपरवाह बने हैं कि महीने भर में एक भी केंद्र की एक बार चेकिंग तक नहीं की है। इन केंद्रों पर तय शुल्क के बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इसकी शिकायतें आने पर अमर उजाला टीम ने बुधवार को इन केंद्रों पर पड़ताल की तो यह सच्चाई सामने आई....
काम सरकारी शुल्क वसूली
आधार बनना 50 रुपये 500 रुपये
आधार में नाम-पता संशोधन 50 रुपये 400 रुपये
बायोमीट्रिक संशोधन 100 रुपये 350 रुपये
पैन कार्ड संशोधन 107 रुपये 300 रुपये
हमारी सेटिंग है...10 मिनट में बन जाएगा
1. प्रताप विहार जनसुविधा केंद्र
रिपोर्टर : भैया, बच्चे का आधार बनवाना है ? कितने रुपये लगेंगे?
संचालक : 500 रुपये ।
रिपोर्टर : भाई बच्चे का तो निशुल्क बनता है ?
संचालक : निशुल्क कुछ नहीं है 50 रुपये लगते हैं, लेकिन उसके लिए आपको चक्कर काटने पड़ेंगे।
रिपोर्टर : आप जल्दी बनवा देंगे ?
संचालक : हमारी सेटिंग है, 10 मिनट में बन जाएगा।
रिपोर्टर : ये बताओ, 500 रुपये लेता कौन है ?
संचालक : जहां बनवाएंगे 450 रुपये उन्हें देने होंगे, बाकी 50 रुपये हमें भी चाहिए।
50 रुपये में बनवाना है तो अक्षरधाम जाइए
2. विजयनगर जनसुविधा केंद्र
रिपोर्टर : आधार में मोबाइल नंबर अपडेट कराना है ?
संचालक : हां करा देंगे, 350 रुपये देने होंगे।
रिपोर्टर : नाम सही कराने के कितने रुपये लोगे?
संचालक : भैया...350 रुपये ही लगेंगे।
रिपोर्टर : सरकारी शुल्क 50 रुपये ही निर्धारित है ?
संचालक : आपको 50 रुपये में आधार बनवाना है या नाम बदलवाना कराना है तो आप अक्षरधाम दिल्ली चले जाओ।
दो तरीके के होते हैं संशोधन, बच्चों का निशुल्क
नाम, पता, पिता का नाम बदलवाना है तो उसके लिए 50 रुपये फीस है। दूसरा बायोमीट्रिक संशोधन है, जिसमें मोबाइल नंबर, फोटो व अंगूठे के निशान का अपडेट होता है। उसके लिए 100 रुपये फीस निर्धारित है। बच्चों के आधार कार्ड बनाने की प्रक्त्रिस्या निशुल्क होती है।
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बैंक, डाकघर में लग रहा एक महीना
बैंक और डाकघरों में लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है। बैंक शाखाएं और डाक विभाग के कर्मचारी लोगों को आधार बनवाने और उनमें सुधार कराने के लिए महीने की एक तारीख को टोकन देते हैं। लोगों ने बताया, उसके बाद उन्हें नेटवर्किंग या फिर अन्य समस्याएं बताकर घुमाते रहते हैं।
जिले में चल रहे 1200 जनसुविधा केंद्र
ई-डिस्ट्रिक्ट प्रभारी एवं एसडीएम सदर देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जिले में सहज और सीएससी कंपनी को लखनऊ से जनसुविधा केंद्र संचालित कराने के लिए टेंडर मिला है। महानगर में एक वार्ड में दो, देहात में हर ग्राम पंचायत में दो और हर नगर पंचायत में दो जनसुविधा केंद्र संचालित हैं। कुल मिलाकर जिले में 1200 जनसुविधा केंद्र चल रहे हैं। सभी केंद्रों को काम की शुल्क सूची चस्पा करना अनिवार्य है, जिनकी शिकायत मिलेगी। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायत पर निरस्त होगा लाइसेंस
जहां भी जनसुविधा केंद्रों पर उगाही की शिकायत मिलती हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी भी केंद्र की शिकायत हमारे पास लेकर आता है, तो उसका लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा।
- यशवर्धन श्रीवास्तव, एडीएम फाइनेंस एवं नोडल जनसुविधा केंद्र
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