कोरोना से बचाव में
कवच बनेंगी राखियां
बाजार में आईं रेकी हीलिंग स्टोन से बनी इम्यूनिटी बूस्टर राखियां
भैया-भाभी के रिलेशनशिप के लिए भी है स्टोन, रुद्राक्ष व सोने-चांदी बनी राखियां भी मार्केट में
कोरोना किट के साथ ऑनलाइन उपलब्ध राखी
रश्मि ओझा
गाजियाबाद। इस रक्षाबंधन पर राखी भाई को कोरोना महामारी से बचाएगी। बाजार में रेकी हीलिंग स्टोन से बनी ऐसी राखियां आईं हैं जो इम्यूनिटी बूस्टर का काम करेंगी। दावा है कि ये राखियां शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देंगी। इसके अलावा कोरोना किट के साथ भी राखियां ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इन राखियों की डिमांड भी काफी है।
कविनगर में रहने वाली राखी डिजाइनर और होलिस्टिक हीलर मालिनी अरोड़ा ने बताया कि रेकी हीलिंग स्टोंस की राखियां बनाई जाती हैं। यह मंत्रों से चार्ज की जाती हैं। जिनके लिए खरीदते हैं, उनके नाम पर राखी को अभिमंत्रित किया जाता है। रेकी एक जापानी चिकित्सा पद्धति है, जिसको स्पर्श चिकित्सा भी बोलते हैं। इनमें भइया-भाभी राखियों से लेकर, स्टूडेंट्स के लिए और नौकरी व्यापार में उन्नति के लिए भी राखियां हैं, लेकिन कोरोना के इस दौर में सबसे अधिक इम्यूनिटी बूस्टर राखियां ही डिमांड में हैं। यह राखियां 150 से लेकर 700 तक के रेंज में उपलब्ध हैं।
सेनिटाइजर, मास्क के साथ भी राखियां
वेबसाइट से लेकर दुकानों में भी इस बार कोरोना किट के साथ राखियों का पूरा पैकेज आ रहा है। इसमें राखी के साथ सैनिटाइजर, मास्क, चॉकलेट और मिठाईं आदि है। रुद्राक्ष की राखियां भी हैं। इनमें ओम, स्वास्तिक, गणेश जी बने हुए हैं। दूर रहने वाले भाइयों के लिए यह पूरा पैकेज बहनें ऑनलाइन भी भेज सकती हैं।
चांदी की पालिश वाली राखियों की रेंज अधिक
कोरोना के समय चांदी और सोने की राखियों की खरीद में काफी गिरावट आई है। ग्राहकों को कम दामों में चांदी की राखियां मिल जाएं, इसलिए इस बार ज्वैलर्स ने चांदी के पालिश वाली हल्की राखियों की रेंज बाजार में उतारी हैं। यह राखियां 150 से लेकर 500 तक की हैं। इन राखियों में 25-40 फीसदी चांदी होती है। कोरोना से पहले प्योर चांदी और सोने की राखियां भी खूब बिकी थीं, जो 500 से लेकर 60 हजार तक की थीं।
राजकिशोर गुप्ता, संरक्षक सर्राफा व्यापार मंडल