फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गाजियाबाद : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पहले दो चरण मार्च 2023 तक होंगे पूरे

Thu, 29 Jul 2021 01:15 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

दोनों चरणों का काम हो चुका शुरू, रिकॉर्ड समय में काम पूरा करने की योजना
 
विज्ञापन
demo pic... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (आर्थिक गलियारा) के पहले दो चरण अक्षरधाम से यूपी बॉर्डर और यूपी बॉर्डर से मवीकलां तक का काम मार्च 2023 तक पूरा हो जाएगा। एक्सप्रेसवे का पूरा काम करने की समय सीमा दिसंबर 2023 तय की गई है। एनएचएआई ने टेंडर छूटने के बाद काम को 20 से 22 महीने में पूरा करने को कहा है। एक्सप्रेसवे को 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले पूरा करने की योजना है।

विज्ञापन


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय चाहता है कि वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले एक्सप्रेसवे तैयार हो जाए। एक्सप्रेसवे बनने की शुरूआत पहले चरण में दिल्ली में अक्षरधाम से मार्च 2021 में हो चुकी है। दूसरे चरण के लिए हाल में टेंडर हुआ है। निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। इन दोनों चरण का काम मार्च 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। कंपनी को टेंडर मिलने के बाद काम पूरा करने के लिए 24 महीने का वक्त दिया जाता है, लेकिन इन दोनों चरण में कंपनियों ने समय से पहले काम पूरा करने की सहमति दी है। एनएचएआई के निदेशक प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं।

उक्त एक्सप्रेसवे में मवीकलां से शामली और शामली से सहारनपुर बॉर्डर तक का अलग चरण है। उत्तराखंड में बन रही 12 किलोमीटर की वन्य जीव कॉरिडोर (एलिवेटेड रोड) इसमें शामिल है। मंत्रालय चाहता है कि दिसंबर 2023 तक पूरा एक्सप्रेसवे तैयार हो जाए तो टेस्टिंग से लेकर फाइनल टच देने का काम मार्च 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह का कहना है कि यह एक्सप्रेसवे मंत्रालय रिकॉर्ड समय में पूरा करेगा। तमाम बाधाएं दूर हो चुकी हैं। पहले दो चरणों के टेंडर भी जारी हो चुके हैं। शेष चरणों का काम भी टेंडर के बाद अगले दो से तीन महीने में शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन


एक्सप्रेसवे बदले देगा पश्चिम की तस्वीर
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को आर्थिक गलियारे का नाम दिया गया है। इससे दिल्ली के साथ ही गाजियाबाद और पश्चिमी यूपी में बागपत, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर को सीधे तौर पर लाभ होगा। छह लेन के एक्सप्रेसवे से आवागमन की सुविधा आसान होने पर उद्योगों की स्थापना होगा, जिसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।
विज्ञापन


एक्सप्रेसवे एक नजर....
कुल लागत - 12300 करोड़ रुपये
पहला चरण - 14.75 किलोमीटर ( 6.4 किलोमीटर एलिवेटेड)
दूसरा चरण - 16.85 किलोमीटर (11.2 किलोमीटर एलिवेटेड)

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें