दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त दरोगा को उम्रकैद
गाजियाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने महिला से दुष्कर्म करने वाले दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त दरोगा (66) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर 42 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आधी धनराशि पीड़ितों को दिए जाने का आदेश दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदेश त्यागी ने बताया कि 12 अप्रैल 2014 को कविनगर थाने में महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिल्ली के संगम विहार में थाने में तैनात दरोगा प्रीतम सिंह ने कविनगर थाना क्षेत्र में फ्लैट में आकर दुष्कर्म किया। महिला ने पुलिस को बताया कि वह 2008 में संगम विहार थाना क्षेत्र में रहती थी। पति और देवर से झगड़ा होने पर दिल्ली पुलिस की 100 नंबर पर फोन कर झगड़े की सूचना दी। मौके पर तत्कालीन दरोगा प्रीतम सिंह पहुंचा। दरोगा ने महिला से बात करने के बजाए उसके पति और देवर से अलग ले जाकर बात की और पुलिस की गाड़ी से महिला और उसके बेटे को थाने ले गया। बाद में मेडिकल कराने के बाद छोड़ दिया। तीन दिन बाद प्रीतम सिंह महिला के घर दोबारा पहुंचा और बताया कि उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज है। थाने आकर जांच कर लो। एक सप्ताह बाद महिला के घर फिर पहुंचा और उसकी कनपटी पर पिस्टल तानकर दुष्कर्म किया। इसके बाद 2008 से 2014 तक महिला के बेटे को जेल भेजने की धमकी देकर दुष्कर्म करता रहा। महिला दरोगा से परेशान होकर गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र में रहने आ गई। प्रीतम ने महिला का गाजियाबाद के घर का भी पता खोज लिया। आरोप है 14 अप्रैल 2014 को फिर दुष्कर्म किया। उसने महिला को धमकी दी कि किसी भी तरह से नहीं बच सकती है। ज्यादा होशियारी दिखाई तो बेटे को दस नंबरी बनाकर जीवनभर के लिए जेल भेज दूंगा। महिला कुछ समय तक उसका उत्पीड़न बर्दाश्त करती रही, लेकिन बाद में कविनगर थाने में शिकायत दी।