वायरल के एक हजार मरीज रोज पहुंच रहे अस्पताल
गाजियाबाद। मौसम में बदलाव होने के साथ ही वायरल के मरीज तेजी से बढ़ने लगे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना एक हजार मरीज पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को आरडीसी में झुग्गी झोपड़ी निवासी एक किशोरी की उल्टी-दस्त से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में वायरल से मौत की कोई पुष्टि नहीं है।
आरडीसी स्थित झुग्गी निवासी 14 वर्षीय किशोरी एक सप्ताह से बीमार थी। बृहस्पतिवार को उल्टी-दस्त तेज हो गए। पहले उसका स्थानीय स्तर पर इलाज कराया जा रहा था, स्थिति गंभीर होने संयुक्त अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने के पहले ही मौत हो गई। जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर गई थी, जांच में परिवार के किसी भी सदस्य में वायरल नहीं पाया गया। टीम ने परिवार की थोड़ी आर्थिक मदद भी की।
10 से 12 दिन में हो रहे ठीक
इस बार वायरल के मरीजों में तेज बुखार के केस कम देखने को मिल रहे हैं। रोगी को ठीक होने में 10 से 12 दिन का समय लग रहा है। पहले सामान्य रूप से वायरल फीवर में तेज बुखार के साथ खांसी-जुकाम होता था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल बुखार के स्वरूप में यह बदलाव मौसम में आए परिवर्तन के कारण है। दिन और रात के तापमान में अंतर के साथ बरसात होने के बावजूद उमस भरे मौसम ने वायरल की प्रकृति में परिवर्तन ला दिया है। इस समय सिर्फ जिला अस्पताल में 200 से 300 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, जबकि प्राइवेट अस्पतालों के आंकड़ा देखा जाए तो एक हजार मरीज वायरल की चपेट में आकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
सिर में दर्द, बिगड़ रहा स्वाद
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि इन दिनों वायरल के मरीज बढ़ गए हैं। यदि बुखार, गले में खराश के साथ सर्दी- जुकाम है, तो ये लक्षण वायरल फीवर के हैं, अन्यथा सिर्फ थकान ही है। डॉ सिंह का कहना है कि इस बार वायरल फीवर में रोगी में तेज बुखार के साथ खांसी, जुकाम जैसे लक्षण कम देखने को मिल रहे हैं। वायरल के बदले स्वरूप में सिर दर्द के साथ हल्के बुखार का अहसास और अधिक कमजोरी महसूस होने के साथ ही गले में खरास, भूख न लगना, लीवर में सूजन और मुंह का स्वाद बिगड़ रहा है। संयुक्त अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि वायरल फीवर के स्वरूप में बदलाव मौसम के कारण आया है। घर में किसी को वायरल फीवर है तो बच्चों को दूर रखें। इस बार हर उम्र के लोग संक्रमण की चपेट में हैं।
खाने-पीने में बरतें सावधानी
डायटीशियन डॉ. सविता यादव का कहना है कि वायरल होने पर दवाई के अलावा खाने-पीने में सावधानी बरतनी चाहिए। वायरल होने के दौरान देर से पचने वाले फल लेने से बचना चाहिए। खाने में खिचड़ी, दलिया का प्रयोग करें। नारियल पानी पी सकते हैं। खट्टे जूस या डिब्बा बंद चीजें, गाजर, पालक या देर से पचने वाली कोई भी चीज वायरल के दौरान लेने से बचना चाहिए।