डेंगू के तीन, मलेरिया
के छह मरीज मिले
गाजियाबाद। कोरोना के बीच डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। एक सप्ताह के अंदर डेंगू के तीन मामले मिले हैं, जबकि पूर्व में मलेरिया के छह केस मिल चुके हैं। ऐसे में जिले का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने कोरोना संक्रमण नियंत्रण की कार्य योजना की तरह ही रोकथाम की योजना बनाई है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बुधवार को मलेरिया विभाग और आईडीएसपी की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने मच्छरों की रोकथाम के साथ ही बुखार पीड़ितों का सर्वे और जांच करने के निर्देश दिए हैं। एक महीने में मलेरिया जांच के लिए 19 हजार स्लाइड बनाईं जा चुकी हैं।
बारिश के साथ बढ़ने लगा संक्रमण
बरसात होने के बाद मलेरिया और डेंगू के मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। इसके बावजूद किसी तरह के प्रयास नहीं किए जा रहे थे। मलेरिया विभाग के कोरोना संक्रमण नियंत्रण में लगे होने से मार्च 2020 से अब तक न तो कहीं छिड़काव किया और न ही कहीं फॉगिंग हो सकी। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत भी मलेरिया विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जलभराव वाली जगहों व हाईराइज बिल्डिंगों में होगी जांच
जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि अति संवेदनशील क्षेत्रों के अलावा जिले में ऐसे स्थानों की जांच की जाएगी, जहां मच्छरों के पनपने की सबसे ज्यादा आशंका है। इनमें सरकारी कार्यालय भी शामिल किए गए हैं। मॉल्स, मल्टीप्लैक्स, बड़ी इमारतें, हाई राइज बिल्डिंग्स और हाउसिंग सोसाइटियों में जांच की जाएगी। यदि कहीं डेंगू और मलेरिया का लार्वा पाया जाता है तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
12 क्षेत्र अति संवेदनशील
पिछले पांच साल के डेंगू और मलेरिया के मरीज जिन क्षेत्रों में मिले हैं, वे जिले में 12 क्षेत्र हैं। इनमें इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी, विजयनगर, मसूरी, लोनी और अर्थला क्षेत्र की कुछ कॉलोनियां शामिल हैं। इन इलाकों में डोर-टू-डोर सर्वे, नियमित दवा का छिड़काव और फॉगिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं क्षेत्रों में सबसे अधिक मामले आए थे।
सभी अस्पतालों को करना होगा सूचित
संक्रमण रोग नियंत्रण प्रभारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जिले में मलेरिया और डेंगू की रोकथाम और उपचार के लिए जिले के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को मलेरिया और डेंगू का कोई भी केस आने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी मामला सामने आएगा, उसमें परजिन, पड़ोसी और संपर्क वालों की जांच की जाएगी। अलग से टीमों का गठन भी किया गया है। इसमें दो डॉक्टर शामिल हैं। मलेरिया और डेंगू का मामला सामने आने पर टीम मौके पर जाएगी और मरीज को दवा देने के साथ ही सर्वे भी करेगी।
पांच साल में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले
वर्ष - डेंगू - चिकनगुनिया - मलेरिया
2016 - 621 - 1024 - 128
2017 - 232 - 00 - 293
2018 - 68 - 00 - 150
2019 - 88 - 00 - 142
2020 - 15 - 00 - 13
2021 - 03 - 00 - 06