शालीमार गार्डन में पकड़ी नकली घी बनाने का फैक्टरी
साहिबाबाद। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1 में किराए के मकान में चल रही नकली घी बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। मौके से जीजा-साले को गिरफ्तार किया गया है। टीम ने घी बनाने के उपकरण, एसेंस (घी में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ) और नामी कंपनी के स्टीकर व रैपर बरामद किए हैं। कंपनी की लीगल टीम की ओर से साहिबाबाद थाने में शिकायत दी है। घी के चार सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के डीओ विनीत कुमार ने बताया कि शालीमार गार्डन में श्याम सुंदर अपने साले दीपक अग्रवाल के साथ किराए पर मकान में नकली घी बनाने की फैक्टरी चला रहे थे। फैक्टरी के अंदर एसेंस मिलाकर देसी और वनस्पति घी बनाया जाता और नामी कंपनी के स्टीकर चिपकाकर बाजार में सप्लाई कर दिया जाता। उन्होंने बताया कि दोनों ने कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में यह काम शुरू किया था। स्थानीय लोगों की सूचना पर टीम ने मौके पर छापामारी की और जीजा-साले को पकड़ लिया, मगर घर में महिलाएं और बच्चे होने की वजह से पुलिस को सूचना दी गई। साहिबाबाद पुलिस के सामने अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने नकली घी बनाने का तरीका बताया।
त्योहारी सीजन भुना रहे थे जीजा-साले
अधिकारियों केमुताबिक जीजा-साले त्योहारी सीजन भुना रहे थे। वह दिल्ली-एनसीआर में 15 किलोग्राम टिन में घी तैयार कर सप्लाई देते थे। दोनों ने अधिकारियों को कुछ दुकानदारों के नाम भी बताए हैं, जहां टीम छापामारी करेगी। सूचना मिलते ही नामी कंपनी के विजिलेंस अधिकारी जितेंद्र सिंह भी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जांच-पड़ताल में किराए के मकान से एसेंस, 300 किलोग्राम तैयार घी, 15 टिन वनस्पति घी, गैस-चूल्हा, बर्तन, नामी कंपनी के स्टीकर व रेपर बरामद किए हैं। फिलहाल खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से चार सैंपल भरकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। अब 20 दिन बाद रिपोर्ट आने पर अधिकारी विधिक कार्रवाई शुरू करेंगे।
तीन स्थानों पर एक साथ करते थे कारोबार
विजिलेंस अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी दीपक और श्याम सुंदर एक साथ तीन स्थानों से कारोबार करते हैं। पूछताछ के दौरान टीम मौके पर पहुंची तो एक दुकान पर ताला लगा था और दूसरे पर कोई नहीं मिला। इसके बाद टीम वापस नकली फैक्टरी पर पहुंच गई। बताया गया कि दोनों ने माल सप्लाई के लिए अपने जगह-जगह कांटेक्ट बनाए हुए थे। लोग उन्हीं से संपर्क करते थे। संपर्क करने वाले लोगों की जांच की जा रही है।