न्यू पंचवटी में 12वीं पास टेंट कारोबारी कर रहा था लिंग परीक्षण
गाजियाबाद। शहर के बीचों बीच न्यू पंचवटी कॉलोनी ( कमला नगर ) में 12 वीं पास टेंट कारोबारी प्रेम शंकर शर्मा भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था। उसके टेंट हाउस में यह अपराध दो साल से चल रहा था। दलालों की मार्फत उसने नेटवर्क एनसीआर के सभी जिलों में फैला लिया था। इस काले कारनामे का भंडाफोड़ रविवार सुबह साढ़े नौ बजे उसके रंगे हाथ पकड़े जाने पर हुआ। गुरुग्राम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डमी महिला के जरिये जाल बिछाकर उसके सहयोगी जयपाल और दलाल गौतम को भी गिरफ्तार कर लिया। मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त कर ली गई ।
खुलासा हुआ कि जीटी रोड से सटी न्यू पंचवटी कॉलोनी में मोदीनगर निवासी प्रेम शंकर ने सुनसान रहने वाली खुली जगह पर टेंट का सामान रख रखा था। इसके पीछे दुकान में एक तख्त, दो कुर्सियां डाल रखीं थी और अल्ट्रासाउंड मशीन लगा रखी थी। एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि दौलतपुरा का निवासी जयपाल दिखावे के लिए टेंट हाउस में उसका पार्टनर है, जबकि उसका असली काम भ्रूण लिंग परीक्षण में प्रेम शंकर का सहयोग करता था। गुरुग्राम के भोंडसी का निवासी गौतम ग्राहक भेजता था। टीम ने इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद के स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी बुला लिया।
आपको लड़की होगी कहते ही कर ली गिरफ्तारी
प्रेम शंकर ने डमी ग्राहक (डिकॉय) का मशीन से परीक्षण किया। उसने जयपाल को रिपोर्ट बताई। इसके बाद जैसे ही जयपाल ने महिला से कहा, आपको लड़की होगी, वैसे ही टीम ने उसे पकड़ लिया। यह देख दलाल गौतम भागने लगा, उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। प्रेम शंकर ने भी भागने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुआ।
जीपीएस लगाकर आई महिला से मिली लोकेशन
टीम ने ग्राहक को किराए की गाड़ी और 35 हजार रुपये दिए लेकिन ग्राहक स्वास्थ्य विभाग का भेजा। महिला को जीपीएस दिया गया ताकि सटीक लोकेशन मिलती रही। दलाल ने महिला से कहा कि वह दिल्ली में ही परीक्षण करा देगा। उसे दो घंटे तक दिल्ली में घुमाया। इससे तसल्ली हो गई कि महिला वास्तव में जांच कराना चाहती है तब जाकर उसे गाजियाबाद लाया।
महिला को भेजकर आगे चला गया दलाल
दलाल महिला को टेंट हाउस तक ले गया। वहां आधा शटर खुला था। महिला से कहा कि इसके अंदर चली जाओ, जांच हो जाएगी, डॉक्टर साहब को 20 हजार रुपये दे देना। रिपोर्ट कागज पर नहीं मिलेगी, लेकिन पक्की होगी। उसने महिला के साथ आए परिवा के सदस्य को बाहर रहने के लिए कहा। इसके बाद आगे गली में चला गया।
दलाल ने 15 हजार लिए, कारोबारी ने 20 हजार
भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए महिला से 35 हजार रुपये लिए गए। इसके दो हिस्से हुए। 15 हजार दलाल ने लिए। 20 हजार प्रेम शंकर ने। जयपाल का हिस्सा प्रेम को देना था। इससे पहले ही तीनों पकड़ लिए गए। जयपाल ने पूछताछ में बताया कि एक-एक जिले में कई-कई दलाल हैं। टीम ने बताया कि इनकी तलाश पुलिस करेगी।
गाजियाबाद टीम को भी लोकेशन भेजकर बुलाया
गुरुग्राम की टीम ने गाजियाबाद की टीम को जीपीएस की लोकेशन भेजी और फोन कर कहा कि पुलिस को लेकर पहुंच जाएं। अगर लिखा-पढ़ी करेंगे तो लिंग परीक्षण को पकड़ नहीं पाएंगे। इसके बाद पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को जानकारी देकर मदद मांगी। उसके बाद पुलिस टीम को भी लाइव लोकेशन भेजकर मौके पर पहुंचने को कहा गया।
स्टाफ नर्स को मिली थी पहली जानकारी
गुरुग्राम जिला चिकित्सालय में स्टाफ नर्स नीलम को एक महीने पहले गर्भवती महिला ने बताया था कि इस बार तो लड़का ही होगा क्योंकि उसने जांच कराई है। उसने बातों-बातों में नीलम को दलाल गौतम के बारे में बताया और उसका मोबाइल नंबर भी दे दिया। नीलम ने अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद जाल बिछाया गया।
रिश्तेदार की मौत के बाद शुरु किया काम
प्रेम शंकर पांच साल पहले दादरी (गौतमबुद्धनगर) स्थित शर्मा डायग्नोस्टिक सेंटर में टेक्नीशियन के तौर पर काम करता था। यह उसके रिश्तेदार का था। कुछ दिन बाद वहां से काम छोड़ दिया। करीब दो साल पहले डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक की मौत हो गई। इसके बाद प्रेम शंकर ने वहां से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड जांच मशीन खरीद ली। उसके बाद उसने टेंट कारोबार की आढ़ में लिंग परीक्षण का काम शुरू कर दिया और प्रेम शंकर ने अपने नाम के आगे डॉक्टर भी लिखना शुरू कर दिया था।