इससे पहले गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस-प्रशासन ने खोड़ा समेत पूरे देहात क्षेत्र में तीन दिवसीय सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस दौरान देहात क्षेत्र के 17,174 अपराधियों की कुंडली खंगाली जाएगी। इसमें खोड़ा के 600 अपराधी व 14 हिस्ट्रीशीटर विशेष तौर पर पुलिस के रडार पर हैं। सोमवार को अभियान में पुलिस के साथ राजस्व विभाग की टीम, डॉग स्क्वायड भी शामिल रही। इस दौरान घरों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। साथ ही नक्शे के आधार पर ड्रोन की मदद से क्षेत्र में स्थित मकानों का भौतिक सर्वे भी किया जा रहा है।
खोड़ा में एडिशनल सीपी राज करण नैय्यर और डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ के निर्देशन में अभियान चला। एडिशनल सीपी ने बताया कि खोड़ा क्षेत्र में तीन एसीपी और पांच थाना प्रभारियों को सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक एसीपी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि जिन अपराधियों का चिह्नीकरण किया गया है, वह हत्या, चोरी, लूट, छिनैती, मादक पदार्थों की तस्करी और आर्म्स एक्ट के मामलों में संलिप्त हैं। खोड़ा के बाद इंदिरापुरम, साहिबाबाद, कौशांबी, शालीमार गार्डन, लिंकरोड और टीलामोड़ में भी अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन के निर्देश पर खोड़ा नगर पालिका की ओर से क्षेत्र में व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। इस दौरान सूर्या हत्याकांड के अन्य आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी संपत्ति पर अवैध कब्जा या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
असद के मकान की ढोल के साथ हुई मुनादी
वहीं, सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के पुराने मकान की सोमवार सुबह प्रशासन की टीम ने मुनादी की। यह कार्रवाई ढोल के साथ की गई। इसके साथ ही मकान के गेट पर सरकारी नोटिस भी चस्पा कर दिया गया।
नोटिस में बताया गया है कि जिस मकान में असद और उसका परिवार रह रहा था वह 50 गज में बना हुआ है और करीब दो मंजिला मकान है। मकान को अवैध बताते हुए प्रशासन की टीम ने यह कार्रवाई की है। साथ ही 15 जून तक इस मकान को खाली करने की चेतावनी दी गई है। वहीं इस मकान की करीब छह माह पहले बिक्री हो चुकी है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अभी तक मकान की रजिस्ट्री या दाखिल खारिज की प्रक्रिया पूरी न होने की बात सामने आई है।