फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खोड़ा में तीन झोलाछाप पर मुकदमा दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
खोड़ा में तीन झोलाछाप पर मुकदमा दर्ज
विज्ञापन

खोड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने खोड़ा कालोनी में किराए की दुकानों के अंदर बिना डिग्री बीमार लोगों के स्वास्थ्य जांच से खिलवाड़ कर रहे तीन झोलाछाप के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया है। निरीक्षण अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह का कहना है कि तीनों आरोपी कई महीनों से स्वास्थ्य जांच कर रहे थे। इनके पास न कोई डिग्री और न ही नियमों की जानकारी थी। निरीक्षण के बाद इन्हें तय सीमा में चिकित्सा संबंधी प्रमाण पत्र दिखाने के लिए कहा था लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि खोड़ा में गली-नुक्कड़ पर बिना डिग्री लोगों का इलाज करने की शिकायत मिल रही थी। 23 जून को टीम ने इलाके का औचक निरीक्षण किया था। जहां वंदना एंक्लेव के कृष्णा मार्ग पर सहदेव शर्मा ने मां भगवती क्लीनिक के नाम से दुकान खोली हुई थी। दीपक विहार खोड़ा कालोनी में शमशाद ने मलिक डेंटल क्लीनिक और आजाद विहार में कविता पैलेस के पास लाइफ केयर क्लीनिक के नाम से एम.एस खान की दुकान मिली। कई महीनों से तीनों लोग किराए पर दुकान लेकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रहे थे। जांच में सामने आया कि इलाज के नाम पर वह शुल्क भी वसूलते हैं। चेकअप के बाद अपने संबंधित मेडिकल स्टोर की ही दवाइयां लिखते थे। टीम ने इनसे चिकित्सा से जुड़ा प्रमाण पत्र दिखाने के लिए कहा। काफी देर तक पंजीकरण संख्या और नियमों पर पूछताछ की लेकिन तीनों लोग बगले झांकने लगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेकर इन्हें तीन दिन के अंदर दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया। विभागीय टीम की कार्रवाई के बाद तीनों लोगों ने अपनी दुकानों से बोर्ड भी उतार दिए और जांच करने का समय भी बदल दिया। तीनों आरोपियों के बारे में लोगों से जानकारी की गई तो किसी ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। वहीं, दुकानों के बोर्ड भी नहीं लगे थे। कालोनी के लोगों का कहना है कि क्लीनिक में गठिया, बाय, बुखार, खांसी, जुकाम, गुर्दे और मल-मूत्र में परेशानी का दवाइयों से इलाज कर रहे थे। खोड़ा थाना प्रभारी अल्ताफ अंसारी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। तीनों लोगों से अभी पूछताछ नहीं हुई है जिससे पता नहीं चला कि यह लोग कितने पढ़े-लिखे हैं। इन्होंने डिग्री ली या नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें