कोरोना में नौकरी छूटने के बाद दोस्त संग रची लूट की साजिश, दोनों गिरफ्तार
वसुंधरा। इंदिरापुरम पुलिस ने 27 जून को वसुंधरा सेक्टर-15 में एलआईसी के सेवानिवृत्त कर्मी ललित जोशी को बंधक बनाकर हुई लूट की घटना का शनिवार को खुलासा कर दिया। टीम ने दो लुटेरों को सीसीटीवी फुटेज और जूतों की पहचान के बाद गिरफ्तार किया। वारदात के बाद एक लुटेरा गर्लफ्रेंड के साथ ऋषिकेश घूमने चला गया था। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से दोनों को पकड़ लिया। इनके पास से लूटे गए 350 डॉलर न्यूजीलैंड करेंसी, 5300 रुपये, हार, टॉप्स, सोने की चेन, चांदी की चेन, पांच जोड़ी पाजेब, बच्चों के 14 चांदी के कड़े, 10 चांदी के सिक्के, एक दस रुपये का चांदी का नोट, एक जोड़ी बिछुवे, एक चांदी का ग्लास बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ललित जोशी के घर दो लुटेरे किराए का कमरा देखने के बहाने वारदात को अंजाम दे गए थे। दोनों की पहचान प्रतीक श्रीवास्व व कबीर दूबे निवासी सेक्टर-13 वसुंधरा के रूप में हुई। इन्हें गिरफ्तार कर माल भी बरामद किया गया है। पूछताछ में पता चला कि प्रतीक बीबीए की पढ़ाई कर चुका है और कपड़े के शोरूम पर नौकरी करता था। कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इस बीच किराए के मकान को लेकर भी मानसिक दबाव में रहने लगा। इसके बाद उसने दोस्त कबीर दूबे को लूटपाट की साजिश में शामिल कर लिया। दोनों 19 जून को घर से निकले और वसुंधरा में एक कैंसर पीड़ित महिला को निशाना बनाकर उनसे लूटपाट में असफल हो गए। इस बीच रास्ते में उन्हें ललित जोशी के घर का पता चला। बुजुर्ग दंपती के बारे में पूरी जानकारी करके दोनों ने एक हफ्ते में सामान व लाखों की नकदी बटोरने की साजिश रची। बुजुर्ग ने घर के बाहर किराए पर कमरा देने के लिए बोर्ड लगाया हुआ था उसे देखकर प्रतीक मकान में कमरा देखने गया था। इसके बाद 24 को वह कबीर के साथ पहुंचा, उसे खुद का भाई बताया और कमरा देखा। इसके बाद अगली मीटिंग में बहन को साथ लाने की बात कहकर चले गए। 27 जून को जब दोनों बुजुर्ग के घर पहुंचे तो पानी पीने के बहाने ललित जोशी को टेप से बांधकर लूटपाट की।
क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि वारदात के बाद प्रतीक गर्लफ्रेंड को लेकर ऋषिकेश घूमने गया था। इससे पहले बुजुर्ग ने 70 हजार रुपये लूटने की बात कही थी जबकि लूटी गई रकम 12 हजार रुपये थी। और ज्यादातर जेवरात आर्टीफिशियल थे जिन्हें बरामद कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज में पुलिस टीम ने प्रतीक के जूतों की पहचान की और फिर सुराग मिलने पर उसके सोशल अकाउंट को खंगाला फिर उसमें भी वहीं जूते नजर आए। इतना ही नहीं, घटना वाले दिन प्रतीक की लोकेशन भी घटनास्थल पर मिली थी। फुटेज से भी दोनों की पहचान कर पुलिस ने इन्हें दबोच लिया।