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छत्तीसगढ़ पुलिस देखती रह गई... टीवी पत्रकार को ले गए नोएडा पुलिस

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छत्तीसगढ़ पुलिस देखती रह गई... टीवी पत्रकार को ले गए नोएडा पुलिस
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गाजियाबाद। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को गलत तरीके से पेश करने के मामले में मंगलवार सुबह टीवी पत्रकार रोहित रंजन को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची छत्तीसगढ़ और गाजियाबाद पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। इसी बीच नोएडा के सेक्टर-20 थाने की पुलिस आई और रोहित को अपने साथ ले गई। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इसकी वजह पूछी तो जवाब मिला कि रोहित के खिलाफ नोएडा में केस दर्ज है। रोहित को ले जाने के लिए छत्तीसगढ़ और नोएडा पुलिस में खींचतान भी हुई।
इंदिरापुरम की निहो स्काटिस सोसायटी में रहने वाले रोहित रंजन के खिलाफ छत्तीसगढ़ के रायपुर में मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में रायपुर के सिविल लाइन थाने की पुलिस सुबह साढ़े पांच बजे पहुंची। इसका पता चलते ही रोहित ने ट्वीट करके गाजियाबाद पुलिस से मदद मांगी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने रोहित को कार में बिठा लिया था और लेकर चलने ही वाली थी कि इंदिरापुरम थाने की पुलिस पहुंच गई।
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पुलिसवाले हो तो वर्दी क्यों नहीं पहनी
इंदिरापुरम थाने की पुलिस ने पहुंचते ही छत्तीसगढ़ से आए पुलिसवालों से सवाल किया कि आप लोग कौन हैं? और यहां क्यों आए हैं? जवाब मिला, हमारे पास वारंट है और रोहित को गिरफ्तार कर ले जाने आए हैं, हम छत्तीसगढ़ पुलिस से हैं। गाजियाबाद पुलिस ने एक और सवाल दागा, पुलिसवाले हो तो वर्दी में क्यों नहीं हो और थाने में आमद दर्ज क्यों नहीं कराई? जवाब मिला, आमद दर्ज कराना जरूरी नहीं। फिर भी अब सूचना दे रहे हैं।
कभी इस कार में तो कभी उस कार में
रोहित को पहले छत्तीसगढ़ थाना पुलिस ने अपनी कार में बिठा लिया। इसके बाद नोएडा पुलिस पहुंची तो उसने अपनी कार में बिठा लिया। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस पर एतराज जताया और रोहित को जबरन अपनी कार में बिठाने की कोशिश की। इस पर दोनों में खींचतान हुई। रोहित के समर्थन में लोग भी पहुंच गए। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। इसी दौरान नोएडा पुलिस रोहित को लेकर चली गई। छत्तीसगढ़ पुलिस देखती रह गई।
गार्ड ने दी बंधक बनाने की तहरीर
निहो स्काटिस सोसायटी के गार्डों ने छत्तीसगढ़ पुलिस से पूछताछ की। आरोप है कि पुलिस ने गार्डों को बंधक बना लिया। इसके बाद पुलिस जैसे ही रोहित के फ्लैट की तरफ गई, एक गार्ड ने इंदिरापुरम थाने की पुलिस को फोन से सूचना दी। पुलिस के साथ आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी और अन्य लोग भी पहुंच गए। पुलिस के जाने के बाद गार्ड कपिल कुमार त्यागी ने तहरीर दी है। इसमें बंधक बनाए जाने का आरोप है। इंदिरापुरम थाना पुलिस ने इसकी जांच करने की बात कही है।
ट्वीटर पर सवाल और जवाब भी
छत्तीसगढ़ पुलिस को सोसायटी में देख रोहित ने ट्वीट कर गाजियाबाद पुलिस, एडीजी और सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद मांगते हुए लिखा, छत्तीसगढ़ पुलिस बिना सूचना दिए आई है, क्या यह कानून सही है?
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गाजियाबाद पुलिस ने ट्वीट करके रोहित को जवाब दिया, आपकी मदद के लिए जरुरी कार्रवाई कर रहे हैं।
रायपुर पुलिस ने ट्वीट किया, सूचना देने का नियम नहीं है फिर भी सूचित किया है। जांच में शामिल होकर अदालत में अपना पक्ष रखें।
टाइम लाइन
5:30 बजे - छत्तीसगढ़ पुलिस पहुंची
6:15 बजे - रोहित ने पुलिस से मदद मांगी।
6:30 बजे - गाजियाबाद पुलिस पहुंच गई।
6:45 बजे - नोएडा पुलिस पहुंच गई।
7:15 - नोएडा पुलिस रोहित को ले गई।
बयान
छत्तीसगढ़ पुलिस व नोएडा पुलिस टीवी पत्रकार की गिरफ्तारी के लिए इंदिरापुरम पहुंची थी। नोएडा पुलिस एंकर को पूछताछ के लिए लेकर गई है। - ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी सेकेंड
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