दिल्ली में ओला-उबर की हड़ताल से यात्री हुए परेशान
साहिबाबाद। सीएनजी के बढ़ते दामों के विरोध में सोमवार को ओला, उबर कैब चालकों की दिल्ली में हुई हड़ताल की वजह से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। ऑफिस आने-जाने में लोगों को दिक्कत हुई। कोई देरी से पहुंचा तो किसी ने कार पूलिंग का सहारा लिया। कुछ ने वर्क फ्राम मांगा।
टीएचए और गाजियाबाद से बड़ी संख्या में लोग नौकरी करने दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा का सफर टैक्सी व कैब के माध्यम से करते हैं। हड़ताल की वजह से ऐसे लोग प्रभावित हुए। लोगों ने बताया कि ऑटो भी नहीं मिल रहा था। कहीं ऑटो मिला भी तो उसने दोगुना, तीगुना किराया लिया। गाजियाबाद के कई इलाकों से लोग वैशाली व कौशांबी मेट्रो स्टेशन पहुंचने के लिए कैब लेते हैं। ऐसे लोगों को प्राइवेट टैक्सी मिलने में भी भारी परेशानी हुई। वहीं आम दिनों की तुलना में सोमवार को मेट्रो में पर भारी भीड़ रही। उधर, आईटी सेक्टर के कर्मियों ने अपने दफ्तरों से वर्क फ्रॉम होम करने की इजाजत मांगी, इनमें से किसी को मिली तो किसी को नहीं। ऐसे में कई लोग दफ्तर से अवकाश लेने पर मजबूर हुए।
इनसेट
क्या बोले लोग
मैं कोविड की वजह से मेट्रो से सफर नहीं करती और कैब के माध्यम से ही नोएडा ऑफिस जाती हूं। आज सुबह काफी दिक्कत हुई। कई बार बुकिंग नहीं हुई। ऐसे में मैंने पास ही रहने वाले अपने ऑफिस स्टाफ के साथ कार पूल कर दफ्तर पहुंची। कुशमा नेगी
मैं मेट्रो और फिर कैब या टैक्सी के माध्यम से गुड़गांव स्थित अपने ऑफिस पहुंचता हूं। हड़ताल के बारे में पहले ही मालूम था। ऐसे में रविवार को ही बात हो गई थी और वर्क फ्रॉम होम की इजाजत मिल गई, वरना काफी परेशानी होती। पवन शर्मा
मैं दिल्ली स्थित एक स्कूल में पढ़ाती हूं और कैब से ही आना-जाना करती हूं। हड़ताल की वजह से काफी परेशानी हुई, बाद में मैं ऑटो बुक कर वैशाली पहुंची जहां से मैं अपने सहयोगी शिक्षिका के साथ स्कूल पहुंच सकी। इसकी वजह से सुबह स्कूल पहुंचने में भी देरी हुई। अल्पना
लक्ष्मी नगर जाने के लिए वसुंधरा में एक प्राइवेट टैक्सी मिली। जहां टैक्सी से लक्ष्मीनगर 150 रुपये में जाते थे। वहीं आज टैक्सी वाले ने चार 400 रुपये लिए। कोई दूसरा साधन सहज उपलब्ध नहीं था इसलिए मजबूरी में टैक्सी लेनी पड़ी। हनी
--------------------------------