ममता त्यागी होगी भाजपा की जिला पंचायत अध्यक्ष उम्मीदवार
गाजियाबाद। भाजपा ने वार्ड-14 से पंचायत सदस्य का चुनाव जीत चुकी ममता त्यागी को अध्यक्ष पद की प्रत्याशी घोषित किया है। बुधवार को पार्टी आलाकमान ने मौखिक तौर महानगर और जिलाध्यक्ष को इस बात की जानकारी दे दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि पार्टी संगठन मजबूती के साथ उन्हें चुनाव लड़ाने की दिशा में काम करे। संभावना जताई जा रही है कि जून की पहले य दूसरे सप्ताह में अध्यक्ष पद को लेकर चुनाव होंगे। उससे पहले पार्टी अपने प्रत्याशियों के समर्थन में सदस्यों को जुटाने में लग जाएगी।
पार्टी के क्षेत्र उपाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष रहे बसंत त्यागी की पत्नी ममता त्यागी दूसरी बार पार्टी के टिकट पर चुनाव जीत कर आई है। वर्ष 2015 के चुनाव में भी वो एकमात्र पार्टी की घोषित प्रत्याशी थीं जो चुनाव जीत कर आई थीं। इस तरह से पार्टी ने पुरानी कार्यकर्ता होने के नाते उन पर दाव खेला है। बताया जा रहा है कि स्वच्छ छवि और व्यवहार कुशल होने के कारण पार्टी आलाकमान का बड़ा हिस्सा ममता के समर्थन में था। इसके भी उन्हें बड़ा लाभ मिला। उधर, पार्टी की जिला समन्वय स मिति ने भी इन्हीं के नाम पर सहमति जताई थी जिसके चलते पार्टी आलाकमान को कोई दिक्कत नहीं आई।
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अब पार्टी के सामने 6 उम्मीदवार जुटाने की चुनौती
प्रत्याशी घोषित होने के बाद ममता त्यागी, उनके पति और पार्टी के सामने समर्थन जुटाने की चुनौती है। पार्टी के सामने मौजूदा समय में 14 जिला पंचायत सदस्यों में से सिर्फ दो ही सदस्य हैं। वार्ड-14 के अलावा वार्ड-13 से अंशु मावी पार्टी के टिकट से चुनाव जीत कर आई थीं। हालांकि माना जा रहा है कि वार्ड-12 से जीतीं परमिता कसाना का भी समर्थन मिल जाएगा। परमिता के पति प्रदीप कसाना पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं और संघ परिवार से माना जाता हैै लेकिन टिकट न होने पर बागी बने प्रदीप ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपनी पत्नी को मैदान में उतरा था। पार्टी के जीत के लिए आठ वोट चाहिए। इसके लिए अब पार्टी को छह वोट (पंचायत सदस्यों) का इंतजाम करना होगा।
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पार्टी का बागियों का तलाश
अब भाजपा को उन जिला पंचायत सदस्यों की तलाश है जो जीत कर भले ही किसी दूसरे दल के समर्थन (टिकट) पर आए हैं लेकिन अब पाला बदल सकते हैं। बताया जा रहा है कि बीते दिनों प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री ने राजनगर एक्सटेंशन में बसंत त्यागी के समर्थन में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ली थी जिसमें मोदीनगर से आने वाले एक पार्टी सदस्यों को दो उम्मीदवार लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसमें यह भी भरोसा रखा गया कि अगर वो ऐसा करते हैं तो 2022 के विधान सभा चुनाव में उनका ख्याल रखा जाएगा। वहीं, एक पूर्व एमएलसी को भी एक सदस्य को जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस तरह से पार्टी अब उन पार्टी सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंप रही है जो क्षेत्र में अच्छी पहुंच रखते हैं या जीत कर विपक्षी दलों के प्रत्याशी उनके किसी भी रूप में प्रभाव के अंदर हैं। ऐसे में विपक्षी दलों में सेंध लगानी होगी।
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पंचायत सदस्यों की पार्टीवार स्थिति
पार्टी - संख्या
बसपा पांच
लोकदल - तीन
सपा - तीन
भाजपा -दो
निर्दलीय - एक
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बसपा मजबूत स्थिति में
सदस्यों के हिसाब से देखा जाए तो बसपा के पास सबसे ज्यादा वोट हैं लेकिन अगर संगठन के हिसाब से देखा जाए तो सपा और रालोद मिलाकर अपना प्रत्याशी उतार सकती हैं। दोनों ही दलों के पास छह वोट हैं। उधर, बताया जा रहा है कि भाजपा का खेल बिगाड़ने के लिए सपा और रालोद मिलकर मिलकर किसी एक प्रत्याशी पर दांव खेल सकती हैं। ऐसे में सपा के टिकट चुनाव जीत कर आईं धौलाना विधायक असलम चौधरी की पत्नी नसीम भी से प्रबल दावेदार हैं। दोनों पार्टी मिलकर प्रत्याशी घोषित करती हैं तो एक ही वोट की आवश्यकता पड़ेेगी लेकिन इनके सामने अपने वोटों को बचाए रखने की भी चुनौती होगी। हालांकि दोनों ही दलों ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इसी तरह से बसपा ने भी अभी तक अपने पत्ते साफ नहीं किए हैं।
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पार्टी ने पुरानी कार्यकर्ता ममता त्यागी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया है। इसकी जानकारी महानगर और जिला अध्यक्ष को मौखिक तौर पर दे दी गई है। पार्टी पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ेगी और पूरा बहुमत भी जुटाएगी। - संजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष, भाजपा