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संसद में रद्द करें कृषि कानून, एमएसपी और दूसरे मुद्दों पर भी हो बातचीत: राकेश टिकैत

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संसद में रद्द करें कृषि कानून, एमएसपी और दूसरे मुद्दों पर भी हो बातचीत: राकेश टिकैत
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साहिबाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के एलान पर किसान नेता राकेश टिकैत ने आंदोलन खत्म करने की अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें। सरकार की सद्बुद्धि के लिए किसानों ने आहुति डालकर यज्ञ भी किया।
भाकियू के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने पीएम के एलान को देर आए दुरुस्त आए कहावत से जोड़कर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाकियू को देश के किसानों की सामूहिक एकजुटता, त्याग और संघर्ष की बदौलत यह पहली जीत मिली है। इस जीत में 700 से ज्यादा किसानों ने अपनी जान गवां दी। इसका कारण सिर्फ सरकार का अहंकार व जिद्द थी। देशभक्त किसान, नौजवानों ने अहिंसक सत्याग्रह कर अधिकार की लड़ाई को साबित कर दिया। एमएसपी पर उन्होंने कहा कि लड़ाई अभी अधूरी है। अन्य मुद्दों पर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बैठक कर निर्णय ले लिया जाएगा।
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अन्नदाता ने झेली थी सरकार व लोगों की आलोचना
मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि अन्नदाता ने अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए सरकार और लोगों की आलोचनाओं को भी झेला है। कभी किसानों को आंदोलनजीवी तो कभी खालिस्तानी तक कहा गया। मगर किसानों ने धैर्य नहीं खोया, वह अहिंसा के पथ पर चलकर अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। कहा कि, हमारी लड़ाई सरकार से नहीं, सिर्फ तीन कानूनों को वापस कराना, एमएसपी पर गारंटी कानून बनाना, गन्ना बकाया भुगतान, बिजली संशोधित बिल समेत अन्य मुद्दों पर समाधान की है। जब तक सरकार किसानों को उसका अधिकार नहीं देगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला अध्यक्ष चौधरी बिजेंद्र सिंह ने कहा कि तीन कानून को वापस लेने का निर्णय किसानों के संघर्ष की जीत है। लेकिन अभी अधूरी लड़ाई छोड़कर घर वापस नहीं जाएंगे।
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किसानों की बढ़ेगी संख्या, पुलिस प्रशासन ने कसी कमर
कई दिनों से आंदोलन स्थल पर किसानों की संख्या सीमित चल रही थी। कोरोना महामारी और फिर डेंगू व मलेरिया के बढ़ते मामलों को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों से बचाव की अपील की थी। इससे किसानों की संख्या घटी थी। मगर अब किसानों ने विभिन्न जिलों से आंदोलन स्थल के लिए कूच कर दिया। इसको लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। एडीएम सिटी, एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने यूपी गेट का निरीक्षण किया। एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि आंदोलन स्थल पर सुरक्षा बल तैनात है। किसानों की बढ़ती संख्या को लेकर भी नजर बनी हुई है। किसानों के आने पर पुलिस फोर्स बढ़ा दी जाएगी।
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