सराफ का शव रख सड़क जाम करने जा रहे परिजनों को पुलिस ने रोका
लोनी। पूजा कॉलोनी के मंगल बाजार में बुधवार को सराफ रामकुमार की गोली मारकर हत्या के 55 घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है। जबकि आरोपी सीसीटीवी में कैद मिले हैं। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद सराफ का शव घर पहुंचा तो परिजन और स्थानीय निवासी प्रदर्शन के लिए शव के साथ दिल्ली सहानरपुर मार्ग जाम करने के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी का आश्वासन देकर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव इंदिरापुरी कॉलोनी पहुंचा तो बेटे को कफन में लिपटा देख पिता प्रेम किशोर और मां फूट-फूटकर रोने लगीं। बेटे का शव देखकर मां माया देवी की तबीयत खराब हो गई। पास के डॉक्टर से उनका इलाज कराया गया। मृतक की पत्नी आकांक्षा ने कहा कि उनके पति को इंसाफ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना को तीन दिन हो गए, पुलिस ने अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है।
पुलिस ने कराया जबरन अंतिम संस्कार
रामकुमार के भाई मोहन सिंह ने बताया कि मुआवजे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे परिजनों और स्थानीय लोगों को रोककर पुलिस शव को श्मशान घाट ले जाने लगी। मोहन सिंह का आरोप है कि पुलिस ने जबरन श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार कराया। लोनी सीओ अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि परिजनों को हत्या आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है। परिवार के लोगों ने ही अंतिम संस्कार किया है। वहीं पुलिस घटना के अनावरण का प्रयास कर रही है। पुलिस ने कुछ और सीसीटीवी खंगाले है। मृतक की कॉल डिटेल में पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लगा है। पुलिस पूर्व में जेल से लौटे बदमाशों से भी पूछताछ की है।