किसानों की सेवा में दिन रात जुटी शहर की गुरुद्वारा समितियां
साहिबाबाद। यूपी गेट पर 50 दिनों से धरना दे रहे किसानों की सेवा में पहले दिन से शहर की गुरुद्वारा समितियां जुटी हुए हैं। यूपी गेट पर रह रहे किसानों को अपना मेहमान मानते हुए गुरुद्वारा समिति के पदाधिकारी न केवल उनके लिए लंगर चला रहे हैं बल्कि उनकी जरूरत का सामान भी मुहैया करा रहे हैं। बुजुर्ग किसानों को खुले में कोई परेशानी न हो इसके लिए इंदिरापुरम गुरुद्वारा समिति ने गुरुद्वारा में बुजुर्ग किसानों के रहने की पूरी व्यवस्था की हुई है।
यूपी गेट पर रह रहे किसान हालांकि अपनी व्यवस्था अपने स्तर से ही कर रहे हैं। उत्तराखंड से लेकर मुंबई तक के गुरुद्वारा समितियों की ओर से यूपी गेट पर लंगर चलाए जा रहे हैं। वहीं शहर के गुरुद्वारा समितियों के पदाधिकारियों ने भी अपनी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी हुई है। इंदिरापुरम गुरुद्वारा समिति के साथ ही वैशाली, रामप्रस्थ और सूर्यनगर गुरुद्वारा समिति की ओर से संयुक्त तौर पर किसानों की सेवा की जा रही है। कोई समिति यूपी गेट पर चल रहे लंगर में दूध की सेवा दे रहा है तो कोई सब्जियों की और कोई गरम कपड़ों की। वहीं टीएचए में रह रहे लोग भी व्यक्तिगत तौर पर अपनी सेवाएं यूपी गेट पर दे रहे हैं। किसानों की सेवा में समिति के पुरुष पदाधिकारी ही नहीं बल्कि शहर की महिलाएं भी आगे हैं।
यूपी गेट पर धरना देने पहुंचे किसानों की सेवा हम लोग पहले दिन से कर रहे हैं। शुरू में जब कैंप कम थे तब भी हमने वहां के बुजुर्ग किसानों को इंदिरापुरम गुरुद्वारे में रहने का आमंत्रण दिया था, जिसे सभी ने स्वीकारा भी। वर्तमान में भी गुरुद्वारा में करीब डेढ़ सौ किसानों के रहने की व्यवस्था है।
- गुरुप्रीत सिंह रम्मी, प्रधान इंदिरापुरम गुरुद्वारा
किसान भाई जो दूसरे जनपदों और राज्यों से आकर यूपी गेट पर रह रहे हैं ऐसे में हमारी जिम्मेदारी उनकी खातिरदारी करना है। सिक्ख समाज में सेवा भाव जन्म से ही है, यह तो हमारे अन्नदाता हैं, ऐसे में जैसे-जैसे किसानों की संख्या बढ़ी हम सबने मिलकर सेवा की रणनीति तैयार की और सेवा में जुट गए हैं। जब तक धरना चलेगा हमारी सेवा में कभी कोई कमी नहीं रहेगी।
सरदार मंजीत सिंह
हम लोग किसानों के लिए लंगर तो चला ही रहे हैं, इसके साथ ही उनके लिए गर्म कपड़े व अन्य सुविधा का सामन भी मुहैया करा रहे हैं। इसमें पूरे समाज का सहयोग है, सब मिलकर अन्नदाताओं की सेवा कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द सरकार किसानों की बात सुनें और किसान अपने घर लौट सकें। जब तक वह हमारे शहर में हमारी जिम्मेदारी हैं।
कुलदीप सिंह घई, वैशाली गुरुद्वारा
अन्नदाता हमारे शहर में बैठै हैं, ऐसे में हम लोग तन-मन-धन सभी से उनके साथ हैं। हम नहीं चाहते कि किसान इस तरह सड़क पर रहें लेकिन जब तक सरकार के साथ इनकी सुलह जब तक नहीं हो जाती, हम सेवा में पीछे नहीं हटेंगे। कंवल जीत सिंह सिक्का रामप्रस्थ