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आंदोलन को पंजाब और हरियाणा में बांटना चाहती है सरकार : राकेश टिकैत

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एक्सप्रेसवे पर नारेबाजी करते किसान। - फोटो : GHAZIABAD City
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आंदोलन को पंजाब और हरियाणा में बांटना चाहती है सरकार : राकेश टिकैत
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साहिबाबाद। यूपी गेट पर आंदोलन के 50वें दिन भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार पर आंदोलन को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 15 तारीख की बैठक में मालूम हुआ कि सरकार इस आंदोलन को लंबा खींचकर पंजाब और हरियाणा में बांटना चाहती है। जिससे किसान आंदोलन पूरे देश को छोड़कर सिर्फ पंजाब तक सीमित रह जाए। वहीं सरकार एमएसपी पर भी बात नहीं करती, वह तीन कानूनों में संशोधन कराना चाहती है, जबकि हम कानून वापसी से कम में मानने वाले नहीं।
राकेश टिकैत ने कहा कि 19 की बैठक में फिर से तीनों कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी देने पर बात होगी। सरकार इस पर कैसे प्लान बनाए, इसके बारे में किसान उन्हें बताएगा। उन्होंने किसानों से लंबे आंदोलन की तैयारी करने की भी बात कही। किसान आंदोलन में पिछेल 50 दिनों से सफाई में जुटे नगर निगम और खोड़ा नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों का किसानों ने शॉल ओढ़ाकर व माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
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राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार और किसान आंदोलन अब दो पतंगों के बीच पेच लड़ने जैसी स्थिति में आ गया है। उन्होंने कहा कि किसान सरकार को कभी भी हराना नहीं चाहते। सरकार तीनों कानूनों को वापस ले ले उसकी ही जीत होगी। राकेश टिकैत ने फंडिंग के बारे में कहा कि गांव के किसान चंदा इकट्ठा करके यहां सामान बांट रहे हैं। इस बीच उन्होंने लोगों को सचेत किया कि किसान समिति ने किसी को भी चंदा मांगने के लिए नहीं भेजा। गांव का किसान सिर्फ अपने जानकारों से सामान इकट्ठा कर रहे हैं।
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21 फरवरी के बाद समाधान की कुछ उम्मीद
टिकैत ने कहा कि 15 की बैठक के बाद सरकार से बातचीत से ही समाधान निकालने पर सहमति बनी है। लेकिन 21 फरवरी के बाद जब बजट सत्र शुरू होगा तो फिर समाधान निकलने की उम्मीद है। लेकिन किसान 25 अप्रैल तक गेहूं कटाई तक फ्री बैठा है। उन्होंने किसानों को कहा कि अगली बैठक में इस बार एमएसपी पर गारंटी देने की पहले बात होगी। इसके बाद तीनों कानून रद्द करने पर बात करेंगे। जबकि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने पर प्रमुुखता से बात रखी जाएगी। दूसरा सुप्रीम कोर्ट से जो भी निर्णय आएगा वो किसान समिति उसका सम्मान करेगी।
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