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पांच बार एंबेसी में फोन किया, 10 बार यूक्रेन में फंसी बेटी को

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यूक्रेन में फसी भारतीय छात्रा। - फोटो : GHAZIABAD City
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पांच बार एंबेसी में फोन किया, 10 बार यूक्रेन में फंसी बेटी को
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गाजियाबाद। तीन साल पहले यूक्रेन एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई राजनगर एक्सटेंशन निवासी प्रीत मल्होत्रा की वतन वापसी का परिजन बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वह रोजाना करीब चार-पांच बार भारतीय दूतावास में फोन करते हैं तो दिन में 10-15 बार बेटी से बात कर उसका हौसला बढ़ाते हैं। यूक्रेन में फंसी प्रीत ने भी हिम्मत दिखाई और सहयोगियों संग बस किराए पर लेकर यूक्रेन से रोमानिया तक पहुंच गई। पिता विजय थरेजा ने बताया कि बुधवार को बेटी प्रीत की वतन वापसी हो सकती है।
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आशियाना पामकोर्ट सोसायटी निवासी विजय थरेजा बेटी प्रीत (21) तीन साल पहले विन्निट्स मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन गई थीं। चार दिन युद्द के बीच मुश्किल हालातों से जूझकर प्रीत ने अपने 150 अन्य सहयोगियों के साथ वहां से निकलने का फैसला किया, लेकिन यातायात का साधन न मिला। आखिरकार तीन बसें किराए पर लेकर वह रविवार देर रात पड़ोसी देश रोमानिया के बॉर्डर पर पहुंचे। विजय थरेजा ने बताया कि बच्चों ने प्रत्येक बस के लिए करीब 30 हजार रुपये का भुगतान किया। यहां जाकर प्रीत समेत तीन छात्राओं की एंट्री रोमानिया में हो पाई थी कि फिर प्रवेश बंद कर दिया गया। उनके 147 साथी करीब 24 घंटे तक माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तापमान पर बॉर्डर पर डटे रहे। आखिरकार उन्हें भी प्रवेश मिला। उन्होंने बताया कि अब रोमानिया में भारतीय दूतावास के जरिए उनके आने के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी हो गई है। बुधवार को बेटी वतन लौट सकती है।
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