योजना में देरी, टर्सियरी प्लांट की लागत में 60 करोड़ बढ़ी
गाजियाबाद। सीवेज को शोधित कर उद्योगों में पानी देने के लिए लगाए जाने वाले टर्सियरी प्लांट की लागत में 60 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। नगर निगम ने 239 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर टेंडर कॉल किए थे, लेकिन सबसे न्यूनतम टेंडर 319.20 करोड़ का आया है। प्रोजेक्ट की लागत बढ़ने का असर पानी की कीमत पर पडे़गा। नगर निगम अब 43 रुपये की बजाय उद्योगों को 45 रुपये किलो लीटर की दर से पानी की आपूर्ति करेगा।
नगर निगम ने करीब दो साल पहले इस प्रोजेक्ट के लिए गुजरात की एक फर्म से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनवाई थी। 239 करोड़ की डीपीआर तैयार होने के बाद नगर निगम ने मार्च 2021 में ग्रीन म्युनिसिपल बांड जारी कर बाजार से 150 करोड़ रुपये जुटाए थे। निगम ने बीते साल इस टेंडर जारी कर देशभर की बड़ी कंपनियों को प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए आमंत्रित किया था। चेन्नई की कंपनी वीए टेक वाबाग ने सबसे कम दरों पर पानी की आपूर्ति करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पर 319.20 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया है। प्रोजेक्ट की लागत बढ़ने से अब आपूर्ति किए जाने वाले पानी के रेट में भी दो रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी की गई है।
जल निगम महाप्रबंधक का कहना है कि दो-ढाई साल पहले डीपीआर बनी थी। टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली कंपनी ने न्यूनतम रेट दिए हैं। कंपनी का आकलन है कि इस प्रोजेक्ट पर 319 करोड़ रुपये खर्च होेंगे। इसकी वजह से पानी के रेट में दो रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी होगी। अन्य शहरों की अपेक्षा यह दर अभी भी बहुत कम हैं।