ई-श्रम पोर्टल पर महीने भर में पांच गुना बढ़े पंजीकरण
गाजियाबाद। श्रमिकों को पांच-पांच सौ रुपये भरण-पोषण भत्ता दिए जाने की घोषणा करने के बाद महीने भर में ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत होने वाले श्रमिकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर में दिसंबर तक लगभग पांच लाख श्रमिक पंजीकृत थे, जो अब बढ़कर 2706839 हो गए हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले सरकार ने श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ता देने की योजना शुरू की थी।
श्रम विभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रतिदिन 15 से 20 हजार लोग ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा रहे हैं। श्रम कार्यालय के अलावा जन सुविधा केंद्रों के जरिये अधिक आवेदन विभाग को मिल रहे हैं। प्रदेश में लगभग छह करोड़ कामगारों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन इनकी संख्या अब आठ करोड़ 49 लाख हो गई है। ई-श्रम कार्ड बनने पर पंजीकृत व्यक्ति को आयुष्मान योजना की तर्ज पर आरोग्य कार्ड भी दिए जाने की योजना है, जिससे भविष्य में पंजीकृत लाभार्थी और उनके परिवार को पांच लाख रुपये के निशुल्क इलाज की व्यवस्था मिल सकती है। जिले में लगभग एक लाख लाभार्थियों को भरण पोषण भत्ते के तहत पांच-पांच सौ रुपये की सहायता राशि श्रम विभाग से मिली है।
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के आरोग्य कार्ड बनवाए हैं। तीनों जिलों में महज चार हजार कार्ड ही बनाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड की सूची में चयनित लाभार्थियों के आरोग्य कार्ड बनाए गए हैं। सीएमओ ऑफिस से इनको पोर्टल पर अपडेट किया जाता है।
उपश्रमायुक्त का कहना है कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण को लेकर किसी तरह की बाध्यता नहीं है। जहां तक आरोग्य कार्ड की बात है तो बीओसीडब्ल्यू की सूची के आधार पर आरोग्य कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। चयनित श्रमिकों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल पर इसकी सूचना भी दी जा चुकी है।