फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनसीआर का रीजनल प्लान-2041 बनकर तैयार, यूपी के शहर भी भरेंगे रफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
एनसीआर का रीजनल प्लान-2041 बनकर तैयार, यूपी के शहर भी भरेंगे रफ्तार
विज्ञापन

गाजियाबाद। तेजी से बढ़ रही आबादी के बीच एनसीआर में अब सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, यातायात के नए संसाधन विकसित किए जाएंगे। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने नेशनल कैपिटल रीजन का रीजनल प्लान-2041 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसमें 2041 तक एनसीआर में विकसित की जाने वाली योजनाओं का खाका खींचा गया है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने अब 7 जनवरी तक इस ड्राफ्ट पर लोगों से आपत्तियां मांगी है। इस अवधि में मिलने वाली आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसे बोर्ड की मीटिंग में पेश किया जाएगा। यहां से मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
दिल्ली और इससे सटे यूपी, हरियाणा व राजस्थान के 24 जिलों के साथ नए एनसीआर क्षेत्र में आबादी तेजी से बढ़ रही है। साल 2011 में महज 5.81 करोड़ की आबादी वाले इस क्षेत्र में 2041 तक 11 करोड़ की आबादी हो जाएगी। इसके लिए एनसीआर में नए संसाधनों को विकसित करने के लिए यह रीजनल प्लान-2041 बनाया गया है। इसमें न सिर्फ सड़कों के नए जाल बिछाने और सार्वजनिक परिवहन के संसाधनों को विकसित करने की योजना बनाई गई है, बल्कि एनसीआर में अच्छा जीवन व्यतीत करने के लिए जरूरी अन्य सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। 2041 तक एनसीआर में नए रोजगार के अवसर देने के लिए लॉजिस्टिक हब, औद्योगिक हब विकसित किए जाएंगे, पर्यावरण सुधार और तकनीकों का इस्तेमाल कर डिजिटल मॉडल पर काम करने को बढ़ावा देने के भी प्रस्तावों पर भी काम किया जाएगा। इस प्लान में न सिर्फ नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की सिफारिश की गई है, बल्कि समयबद्ध तरीके से इन्हें पूर्ण किए जाने का भी लक्ष्य तय किया गया है।
विज्ञापन

---
दो सर्कुलर रीजनल एक्सप्रेसवे बनेंगे
एनसीआर में मोबिलिटी (गतिशीलता) बढ़ाने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तर्ज पर दो और सर्कुलर रीजनल एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे। इनमें एक पानीपत, शामली, मेरठ, जेवर, नूंह, भिवाड़ी, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक से पानीपत तक बनाया जाएगा। दूसरा सर्कुलर रीजनल एक्सप्रेसवे करनाल से लेकर मुजफ्फरनगर, गढ़मुक्तेश्वर, नरौरा, अलीगढ़, मथुरा, डींग, अलवर, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, जींद, कैथल और करनाल को जोड़ते हुए बनाया जाएगा।
--
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को पूरी तरह चालू करने का प्रस्ताव
एनसीआर के रीजनल प्लान में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया है। इससे मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद समेत आसपास के कई जिलों के लोगों को फायदा होगा। इस एक्सप्रेसवे को 2022 तक पूरी तरह चालू करने की सिफारिश की गई है। मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण भी तय समय 2025 में पूरा करने के लिए कहा गया है।
----
एलिवेटेड रोड को शामिल कर दिल्ली के चारों ओर बनेगी रिंग रोड
दिल्ली में ट्रैफिक को कम करने के लिए इसके चारों ओर नई रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इसका अलाइनमेंट भी रीजनल प्लान-2041 में दिया गया है। इस रिंग रोड में गाजियाबाद की एलिवेटेड रोड और चिल्ला बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक की एलिवेटेड रोड को भी शामिल किया जाएगा।
----
एक्सप्रेसवे पर होगी हेली एंबुलेंस के उतरने की सुविधा
भविष्य में बनने वाले एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता इस तरह सुनिश्चित की जाएगी कि आपातकाल में उस पर एयर एंबुलेंस की सुविधा मिल सके। उसका इस्तेमाल हवाई पट्टी के तौर पर भी किया जा सके। एक्सप्रेसवे पर प्रत्येक 100 किलोमीटर के अंतराल पर हेलिपैड और हवाई पट्टी बनाई जाएंगी। इनके अलावा प्रत्येक 50 किलोमीटर के अंतराल पर ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे, ताकि दुर्घटना होने पर गोल्डन आवर (पहले एक घंटे) में घायलों को चिकित्सा सुविधा मिल सके।
विज्ञापन

---
आर्बिटल रेल नेटवर्क विकसित होंगे
यूपी को हरियाणा से जोड़ने वाला ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (ओआरसी) बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर पलवल से खुर्जा, मेरठ, बागपत से सोनीपत को जोड़ेगा। इस ओआरसी को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। हरियाणा ने पलवल से सोनीपत तक इस कॉरिडोर के निर्माण का काम शुरू कर दिया है। इसके बाद पानीपत, शामली, मेरठ, जेवर, नूहं, भिवाड़ी, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक, पानीपत तक दूसरा ओआरसी बनाया जाएगा। तीसरे इसके बाद अन्य चरणों में भी आर्बिटल रेल कॉरिडोर विकसित किए जाने का प्रस्ताव दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें