लुधियाना में वारदात कर लौटते वक्त नोएडा क्राइम ब्रांच ने पकड़े थे चोर
गाजियाबाद। एटीएम हैकर्स को रिश्वत लेकर छोड़ने के मामले में नोएडा के डीसीपी क्राइम अभिषेक ने मंगलवार सुबह इंदिरापुरम थाने पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि अगस्त में वह लुधियाना में एटीएम से कैश चोरी कर लौट रहे थे, लेकिन नोएडा क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गए। उन्होंने एक रात हिरासत में रखकर छोड़ने के नाम पर सौदेबाजी की। अगले दिन 25 लाख रुपये, चोरी की कार और हैकिंग डिवाइस लेकर उन्हें छोड़ दिया गया। बयान दर्ज करने के बाद डीसीपी नोएडा लौट गए।
गाजियाबाद में तैनात रहे पुलिसकर्मी का नाम आया सामने
रिश्वत लेकर हैकर्स को छोड़ने में नोएडा के जिस इंस्पेक्टर का नाम सामने आया है, वह गाजियाबाद में बतौर दरोगा रह चुका है। गाजियाबाद में तैनाती के दौरान भी उसके कई कारनामे सामने आए थे। बताया गया कि इस इंस्पेक्टर का तबादला अब नोएडा से भी हो चुका है। लिहाजा अब उसे बुलाकर बयान लिया जाएगा।
हैकिंग डिवाइस के इस्तेमाल का भी अंदेशा
रिश्वत लेकर छोड़ते वक्त नोएडा पुलिस ने हैकिंग डिवाइस भी अपने पास रख ली थी। आरोपियों ने छूटने के बाद नए सिरे से सॉफ्टवेयर आदि जुटाए और अपने धंधे में जुट गए। वहीं, पुलिस महकमे में यह भी चर्चा है कि नोएडा पुलिस ने गिरोह के अन्य साथियों केजरिये डिवाइस का दुरुपयोग भी किया था। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आया है।
बड़े अफसरों की मिलीभगत की भी अंदेशा
चर्चा है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी की सरपरस्ती के बिना ऐसा करना संभव नहीं है। भ्रष्टाचार के इस मामले में कौन-कौन शामिल हैं, इसका खुलासा डीसीपी की जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।