फर्जी दस्तावेजों से कंपनी के कर्मचारियों ने किया 18 लाख का गबन
गाजियाबाद। नगर कोतवाली के आंबेडकर रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक कंपनी के शोरूम में कर्मचारियों ने 18 लाख रुपये का गबन कर लिया। फर्जी दस्तावेजों पर सामान फाइनेंस दिखाकर उसे शोरूम से सीधे बेच दिया। सामान का कोई पैसा कंपनी को नहीं मिला। समीक्षा में फर्जीवाड़ा सामने आने पर कंपनी की एचआर हेड ने केस दर्ज कराया।
सुनीता सच्चिदानंद ने दर्ज कराई एफआईआर में कहा है कि वह सीडी इलेक्ट्रॉनिक जंक्शन प्वाइंट में एचआर हेड हैं। कंपनी का ऑफिस शिव कला अपार्टमेंट सेक्टर-51 नोएडा में है। उनकी कंपनी टीवी, एसी, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव आदि इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री करती है। बिक्री के लिए कई दुकाने हैं, जिनमें से एक दुकान सीएमएस इलेक्ट्रॉनिक जंक्शन के नाम से आंबेडकर रोड गाजियाबाद में है। सुनीता का कहना है कि कंपनी के कर्मचारियों के अलावा कुछ अन्य लोगों ने फाइनेंस घोटाला कर कंपनी को करीब 18 लाख रुपये का चूना लगाया है। इसके तहत आरोपी कर्मचारी कंपनी के उत्पाद को फर्जी दस्तावेजों पर फाइनेंस दिखाते थे, लेकिन उसे शोरूम से सीधे बेच देते थे। फर्जी दस्तावेजों पर फाइनेंस होने के कारण उत्पाद का पैसा कंपनी के खाते में नहीं आता था। शोरूम में मौजूद सामान और बेचे गए सामान की समीक्षा के बाद यह फर्जीवाड़ा सामने आया।
सुनीता सच्चिदानंद के मुताबिक आईडीएफसी फर्स्ट फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी अरुण कुमार शर्मा निवासी बेगमाबाद मोदीनगर का काम ग्राहकों को इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस करना था। इसके अलावा मीठा कुआं अर्थला निवासी रोहित चौधरी, रोहित राणा, अफगान गली दिल्ली गेट निवासी कपिल तथा सैमसंग कंपनी का प्रतिनिधि सुमित निवासी नटवर एनक्लेव संजयनगर सेक्टर-23 भी गबन में शामिल रहे। सुमित ने उसने अपनी मां मधुबाला के पक्ष में सामान बिक्री दिखाकर गबन किया। इन सभी ने मिलकर 12.65 लाख का नुकसान पहुंचाया। शोरूम का कर्मचारी दीपक निवासी बिहार भी गबन में आरोपी है, जिसे लॉजिस्टिक प्रमुख प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया था। उसने शोरूम से 5.45 लाख रुपये का माल शोरूम से निकाल लिया। नगर कोतवाल अमित कुमार का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।