विधवा महिला की संपत्ति में फर्जीवाड़ा कर ढाई करोड़ का लोन निकाला
गाजियाबाद। नगर कोतवाली में विधवा महिला के फर्जी खाते खोलकर ढाई करोड़ रुपये का लोन निकालने का मामला सामने आया है। पिछले साल सामने आए मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर पीड़िता ने संपूर्ण समाधान दिवस में गुहार लगाई थी। जिसके बाद पुलिस ने पीएनबी की चंद्रनगर शाखा के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक, उप प्रबंधक समेत 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
तुराब नगर निवासी महेंद्री देवी (77) का कहना है कि उन्होंने अपने एक मंजिला भवन के संबंध में कोई भी कार्रवाई करने के लिए अपने बेटे संजय अग्रवाल को मुख्तयारे आम नियुक्त किया हुआ है। 27 नवंबर 2020 को उनके आवास पर बैंककर्मी आए और मकान पर लोन बकाया होने की बात कही। तहसील जाने पर पता चला कि कुंदन निवासी सिहानी सेंट्रल बैंक, निरंजन निवासी कालकागढ़ी चौक व सुनील निवासी सलावा थाना सरधना मेरठ ने उनके मकान के ग्राउंड फ्लोर उनसे 62 लाख में खरीदकर अपने हक में करना रजिस्ट्री करना दर्शाया हुआ है। यह सभी अलग-अलग रजिस्ट्री फरवरी 2019 में हुईं तहसील कंपाउंड के वकील एसके मंगा द्वारा इनका मसौदा तैयार किया गया। सभी रजिस्ट्री में जो प्रतिफल की धनराशि दिखाई गई, उसमें उन्हें पीएनबी की चंद्र नगर शाखा थाना लिंक रोड गाजियाबाद से लोन लेकर देनी दिखाई गई। खोजबीन करने पर पता चला कि चंद्रनगर शाखा की तत्कालीन डिप्टी मैनेजर प्रियदर्शिनी, मुख्य शाखा प्रबंधक उत्कर्ष कुमार व अन्य बैंककर्मियों ने उनकेनाम से खोले गए फर्जी खातों में ढाई करोड़ रुपये का लोन लेकर पैसे का बंदरबांट कर लिया गया। जबकि बैनामों पर न तो उनके फोटो थे और न ही हस्ताक्षर। फर्जीवाड़े में कई अन्य लोग भी शामिल रहे। महेंद्री देवी का कहना है कि उन्हें नगर कोतवाली औक लिंक रोड थाने के चक्कर कटाए गए, लेकिन रिपोर्ट कहीं दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस में गुहार लगाई। जहां जांच के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया। नगर कोतवाल अमित कुमार का कहना है कि कुंदन सिंह, निरंजन, सुनील, सीमा निवासी नंदग्राम, तुषार गोयल निवासी कृष्णा कॉलोनी, एसके मंगा एडवोकेट, पीएनबी के मुख्य प्रबंधक उत्कर्ष कुमार, डिप्टी मैनेजर प्रियदर्शिनी व अन्य बैंक कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।