50 लाख के मुआवजे व अफसरों पर
केस के लिए डीएम से मिलेंगे ग्रामीण
मसूरी। गांव नूरपुर में रविवार को हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से किसान नितिन सांगवान (32) की मौत के बाद ग्रामीणों ने सोमवार को पंचायत की। पंचायत में फैसला लिया गया कि विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से एक हंसता-खेलता परिवार तबाह हो गया। लिहाजा एसडीओ और जेई पर मुकदमा दर्ज कराने की अपील की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद की मांग की जाएगी। इस संबंध में मंगलवार सुबह 11 बजे डीएम से मिला जाएगा।
नूरपुर में किसान की मौत के बाद ग्रामीणों ने रविवार को एनएच-9 पर जाम लगाया था। इसी कड़ी में सोमवार को गांव में मंदिर के पास पंचायत हुई। इसमें ग्रामीणों ने बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि हाईटेंशन लाइन झूलते तारों की शिकायत करीब डेढ़ साल पहले नीतू पुत्र मंशा ने विद्युत निगम के अधिकारियों से की थी। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने कहा कि उन्हें विद्युत निगम के 5 लाख रुपये नहीं चाहिए, बल्कि प्रशासन द्वारा उचित मुआवजा मृतक के परिवार को दिया जाए। मृतक के चाचा वीरेंद्र ने प्रशासन से 50 लाख रुपये आर्थिक मदद के अलावा एसडीओ अंशुल राठी व अवर अभियंता शिवम वर्मा के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। मृतक के दूसरे चाचा मुगलवीर सांगवान ने कहा कि जिस हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर उनके भतीजे की मौत हुई है, उस लाइन का पिछले एक वर्ष से कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा। अगर दो-तीन खंभों के तार उतार लिए जाते तो हादसा होने से बच जाता। पंचायत में धौलाना विधायक असलम चौधरी, पूर्व विधायक व भाजपा नेता धर्मेश तोमर, वाईपी सिंह भी मृतक के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
विधायक असलम चौधरी और बीजेपी नेताओं ने आश्वासन दिया कि नितिन के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। पंचायत में तय हुआ कि मंगलवार सुबह 11 बजे ग्रामीणों को साथ लेकर जिलाधिकारी से वार्ता की जाएगी। पंचायत में चौधरी दिलावर सिंह, बाबू राम शर्मा, नीरज सहरावत, गौरव सांगवान, धर्मवीर प्रधान, नीरज, सुरेंद्र, इंद्रपाल, प्रदीप मुखिया, नवल कुमार प्रधान, धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।