पांचवीं के छात्र ने स्कूल के जूम ग्रुप में डाला खुद के अपहरण की धमकी का मेसेज
गाजियाबाद। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक बच्चे ने ऐसी साजिश रची की आप भी सुनकर दंग रह जाएंगे। घटना नंदग्राम थाना क्षेत्र की है, जहां बच्चे ने खुद के अपहरण धमकी की सूचना पहले स्कूल के जूम ग्रुप पर दी। उसकेे बाद दादी और दादा के मोबाइल नंबर से आपस में दोनों के फोन पर अपहरण की धमकी भरा मेसेज भेजा दिया। मेसेज में लिखा कि आपके पोते का अपहरण कर लूंगा। फिर चालाकी से तीन फोन स्विच ऑफ (बंद) कर लिए। अपहरण का मेसेज देख स्कूल के शिक्षकों ने मां के फोन पर सूचना दी। उसके बाद मां नौकरी छोड़कर घर पहुंची तो बच्चा घर पर ही था, लेकिन परिजनों ने एहतियात के तौर पर पुलिस को मामले की शिकायत दी तो साइबर सेल ने पूरा मामला पकड़ा।
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि नंदग्राम थाने में परिजनों ने अपहरण की धमकी के मेसेज की जानकारी दी थी। उसके बाद बच्चे को सात दिन साइबर सेल में ही बुलाकर स्कूल की ऑनलाइन क्लास ज्वाइन कराई गईं। इस दौरान बातचीत से पता चला कि लॉकडाउन और कोरोना का डर दिखाकर दादा बाहर खेलने से मना करते हैं। हर बात पर टोकते रहते हैं। बच्चे ने बताया कि घर में उसके साथ कोई खेलने वाला भी नहीं है। इसलिए उसने नानी के घर जाने के लिए परिवार के लोग अपने अपहरण की झूठी सूचना के जरिए डराने का प्लान बनाया। उसने सोचा कि डर में घर वाले उसे नानी के घर भेज देेंगे। साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि बच्चे की जूम एप पर ऑनलाइन पढ़ाई होती है। इसी ऐप पर ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चे ने अपने अपहरण का मेसेज लिखा।
माता-पिता नहीं दे पाते समय
छात्र के माता-पिता नौकरी करते हैं। पिता उत्तराखंड की एक कंपनी में तैनात हैं तो मां गाजियाबाद में ही एक निजी कंपनी में तैनात हैं। पिता सप्ताह में एक दिन आते हैं तो मां सुबह को निकलने के बाद रात में घर पहुंचती हैं। इस कारण बच्चा पूरे दिन घर में दादा-दादी के साथ रहता है। स्कूल भी खुल नहीं रहे हैं। गलतियों पर दादा-दादी उसे टोकते हैं। उसे वह पसंद नहीं हैं। वहीं दादा-दादी ने पुलिस को बताया कि वह मां के ड्यूटी जाने के बाद मोबाइल में लग जाता है। पहले ऑनलाइन कक्षाएं लेता है, उसके बाद गेम व अन्य चीजें देखता रहता है। इसलिए टोकते थे।
--------
- पहले भी आए ऐसे मामले
शालीमार गार्डन निवासी इंजीनियर ने 26 जुलाई को साहिबाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनसे बेटे की हत्या और बेटी के साथ दुष्कर्म की धमकी देकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है। साइबर सेल की टीम ने इसकी जांच की तो पता चला कि इंजीनियर की सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी ने ही रंगदारी मांगी है। दूसरी घटना इंदिरापुरम की है। सरकारी अधिकारी को ई-मेल पर धमकी देकर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। पुलिस की जांच में पता चला कि अधिकारी के बेटे ने ही 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है।
-----------------
बच्चे अपनों से सीखते हैं झूठ बोलना : डॉ. संजीव त्यागी
कई बार बच्चे अपने अभिभावक को फोन पर झूठ बोलते सुनते हैं, ऐसे में बच्चे भी बात-बात पर झूठ बोलना सीख जाते हैं। जरूरी है कि बच्चों से निरंतर बात करें और उनके सामने कभी झूठ न बोलें। - डॉ. संजीव त्यागी, वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक
बच्चों की ऐसी आदतों के लिए कहीं न कहीं उनके अभिभावक ही जिम्मेदार होते हैं। ज्यादातर परिवारों में गुड ब्वॉय या गुड गर्ल के लिए कुछ खास तरह के मानक निर्धारित किए जाते हैं। मसलन परीक्षा में हमेशा 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाना, अपनी चीजें व्यवस्थित रखना और अभिभावकों की हर बात मानना, जो बच्चे किसी वजह से ऐसा नहीं कर पाते, उन्हें असफल माना जाता है। इससे झूठ बोलने की प्रवृति बढ़ती है।- डॉ. हेमिका अग्रवाल- मनोचिकित्सक