सिद्धार्थ विहार को अगले साल से 22 घंटे गंगाजल
साहिबाबाद। आवास विकास परिषद (आविप) की सिद्धार्थ विहार योजना में लोगों को अगले साल मार्च तक 22 घंटे गंगाजल मिलेगी। हाईराइज बिल्डिंग और आविप की योजनाओं में गंगाजल की सप्लाई के लिए जल निगम व एनएचएआई ने 304 करोड़ की योजना पर काम कर रहा है। 25 किमी के एरिया में पाइपलाइन बिछाने का काम करीब 65 फीसदी पूरा हो चुका है। इस योजना के तहत जल निगम सिद्धार्थ विहार को 12.50 क्यूसेक और नोएडा को 37.5 क्यूसेक गंगाजल की सप्लाई देगा।
1998 में आविप ने हिंडन नहर के किनारे विजय नगर में 350 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। इसे सिद्धार्थ विहार योजना का नाम दिया गया है। यहां पर कांशीराम योजना में करीब 1200 फ्लैटों में लोग रहते हैं। इसके बाद क्षेत्र को विकसित कर आविप ने 1292 फ्लैटों की गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट, ब्रह्मपुत्र एंकलेव में 2600 फ्लैट, वृंदावन व गोकुलधाम योजना में 500 फ्लैट्स बनाए। मगर अभी आधी ही आबादी निवास कर रही है। हालांकि अभी तक यहां गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट के लिए पांच क्यूसेक पानी की सप्लाई होती है। जबकि अन्य सोसायटी के लोग पानी का इंतजाम अपने स्तर से करते हैं।
नोएडा को मिलेगा ज्यादा पानी
जल निगम का कहना है कि मार्च 2022 तक आविप को 12.50 क्यूसेक गंगाजल सप्लाई की जाएगी। गंगाजल की सप्लाई आविप के अलावा नोएडा प्राधिकरण को भी की जाएगी। सिद्धार्थ विहार गंगाजल प्लांट से नोएडा को 37.50 क्यूसेक पानी दिया जाएगा। योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम करीब 65 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है, जो डासना के कुशलिया गांव तक बिछी है। इस पाइपलाइन को प्रताप विहार प्लांट और फिर सिद्धार्थ विहार से जोड़ा जाएगा।
वसुंधरा-इंदिरापुरम को भी गंगाजल की जरूरत
वसुंधरा जोन में करीब पांच लाख लोग रहते हैं। जिनके लिए वसुंधरा जलकल से रोजाना सुबह-शाम गंगाजल सप्लाई होता है। नगर निगम के तमाम इंतजामों के बावजूद यहां पानी का संकट रहता है, इसलिए लोगों को मजबूरी में बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है। इंदिरापुरम की आबादी करीब साढ़े तीन लाख है। यहां जीडीए 21 क्यूसेक गंगाजल दता है, जबकि डिमांड करीब 28 क्यूसेक की है। मोहननगर जोन की 12 कालोनियों में रहने वाले लोग पिछले कई साल से गंगाजल की मांग कर रहे हैं, लेकिन योजना की फाइल पांच साल से अटकी है। 475 करोड़ की इस योजना को हरी झंडी मिलने के इंतजार में लोग जनप्रतिनिधियों से लगातार मांग कर रहे हैं। पांच लाख की आबादी की मांग के आधार पर आला अधिकारियों ने 100 क्यूसेक गंगाजल सप्लाई की योजना तैयार की थी। गंगाजल की मांग अब लोगों के बीच चुनावी मुद्दा बन चुका है।
प्रताप विहार प्लांट अधिकारी : 304 करोड़ रुपये की योजना पर डासना के कुशलिया गांव तक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। 65 प्रतिशत काम पूरा हो गया है, बाकी का काम भी जनवरी तक कर लिया जाएगा। इसके बाद सिद्धार्थ विहार को 22 घंटे गंगाजल की आपूर्ति दी जाएगी।