सरस्वती विहार कांड : जिंदगी की जंग हार गई मासूम मीनाक्षी
गाजियाबाद। मसूरी थानाक्षेत्र के सरस्वती विहार में शनिवार रात लूट और मर्डर की घटना में घायल सात साल की मासूम मीनाक्षी ने भी दम तोड़ दिया। नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल में इलाजरत मीनाक्षी ने मंगलवार तड़के साढ़े 5 बजे अंतिम सांस ली। मासूम की मौत की सूचना मिलते ही पीड़ित परिवार में चीत्कार मच गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। कड़ी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सरस्वती विहार निवासी लोकमन चौपला मंदिर के पास दही भल्ले की दुकान लगाते हैं। गत शनिवार रात लाल क्वार्टर निवासी उमा ने अपने साथी सोनू अली के साथ मिलकर उनके घर में लूट की और पिस्टल से गोली मारकर लोकमन की पुत्रवधू डोली व बच्चों की ट्यूशन टीचर अंशू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद सोनू ने चाकू, पेचकस और सिलबट्टे से हमला कर डोली के तीन बच्चों गौरी (10), रूद्र (5) और मीनाक्षी (7) पर हमला किया था। तीनों को मरा समझकर सोनू व उमा मौके से फरार हो गए थे। घायल गौरी व रूद्र को कविनगर के सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि हालत नाजुक होने के कारण मीनाक्षी को यशोदा अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। तभी से वह वहीं उपचाररत थी, लेकिन मंगलवार तड़के वह जिंदगी की जंग हार गई। सीओ सदर कमलेश पांडेय ने बताया कि घायल रुद्र और गौरी की हालत खतरे से बाहर है। पोस्टमार्टम के बाद मीनाक्षी का शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।
हत्यारोपियों को फांसी व एनएसए लगाने की मांग
जेवर व कैश लूटने के लिए तीन लोगों की जान लेने वाली रिश्ते की अम्मा उमा व उसके प्रेमी को फांसी देने की मांग उठने लगी है। बजरंग दल और हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों पर एनएसए लगाने तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी देने की मांग की है। इस संबंध में हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों सुभाष बजरंगी और पिंकी चौधरी ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है। पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी तथा सरकारी योजना में आवास दिलाने की मांग की है।
हंगामे की आशंका पर आरोपियों के घर लगाई पुलिस
मीनाक्षी की मौत के बाद पुलिस को अंदेशा हुआ कि आरोपियों के लाल क्वार्टर स्थित आवास पर लोग हंगामा व तोड़फोड़ कर सकते हैं। इसी के चलते सिहानी गेट पुलिस ने आरोपियों के घर के बाहर सुरक्षा लगा दी। बता दें कि घटना के बाद गुस्साए लोगों ने उमा के घर में तोड़फोड़ की थी। इसी के चलते मीनाक्षी की मौत के बाद पुलिस चौकन्नी रहीं। हालांकि, कोई हंगामा नहीं हुआ। कड़ी सुरक्षा में मीनाक्षी के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
बच्चों को कैसे बताऊंगा कि उनकी मां नहीं रही
मीनाक्षी की मौत के बाद मंगलवार को एक बार फिर पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया। मासूम बच्चों के साथ की गई बर्बरता को लेकर हर कोई हैरत में है। खुद लोकमन का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि उनकी रिश्तेदार उमा उनके परिवार के खून की प्यासी हो जाएगी। जिसे घर की हर बात साझा करते थे, वही उनका परिवार उजाड़ देगी। वह यह सोच-सोचकर दहाड़े मारकर रोते रहे कि अस्पताल से घर पहुंचने पर अपने पोते-पोती को कैसे बताएंगे कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही है।
उमा के पति हरीश की तलाश में दबिश जारी
पुलिस ने घटना के चंद घंटों बाद ही मुख्य आरोपी उमा को गिरफ्तार कर लिया था तो वहीं मुठभेड़ में सोनू अली को भी गोली लगी थी। इस घटना के षड्यंत्र में शामिल उमा का पति हरीश फरार चल रहा है। सीओ सदर कमलेश पांडेय का कहना है कि दो टीमें हरीश की तलाश में दबिश दे रही हैं। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। वह पत्नी के साथ लूट व हत्या की साजिश में शामिल रहा था।