बसपा कार्यालय की दीवार पर अपशब्द लिखे, अज्ञात पर एफआईआर
गाजियाबाद। बीएसपी कार्यालय की दीवारों पर बसपा के नेताओं के प्रति लिखे गए अपशब्दों के मामले में चौकी इंचार्ज की तहरीर पर कविनगर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया हैं। बसपा जिलाध्यक्ष कुलदीप कुमार की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बसपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मुहैया कराए हैं। साथ ही जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी शहर में लगाए गए होर्डिंग पर लगे नेताओं के फोटो पर कालिख पोतने की ओछी मानसिकता का परिचय दिया था। तब भी मामले को किसी तरह सुलझा लिया गया था। इस बार इस तरह अपशब्दों का प्रयोग किया गया, जो बेहद ही शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम से बसपा सुप्रीमो मायावती को अवगत कराया जाएगा। साथ ही पार्टी की छवि को धूमिल करने वालों को सबक सिखाया जाएगा। बसपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह घटिया मानसिकता को दर्शाता है। कुछ लोग पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को हजम नहीं कर पा रहे और संगठन को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। शीघ्र ही जिसने यह घृणित कार्य किया है, वह सबके सामने होगा। उन्होंने कहा कि बसपा अनुशासित पार्टी है बसपा के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से संगठन के कार्य में जुटे रहते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो पार्टी वा संगठन को कमजोर करने की कुचाल चल रहे हैं। थाना प्रभारी नागेंद्र चौबे का कहना है कि आरडीसी चौकी इंचार्ज की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बसपा जिलाध्यक्ष ने भी तहरीर दिया है। जांच की जा रही है।
दिसंबर में पोती गई दी थी स्याही
दिसंबर 2019 में पार्टी के महानगर अध्यक्ष के होर्डिंग्स पर लगे फोटो पर स्याही पोतने और दूसरे पदाधिकारी के फोटो फाड़ने का मामला सामने आया था। इससे पहले भी बहुजन समाज पार्टी के कार्यालय की दीवार पर किसी ने अपशब्द लिख दिए थे। राजनगर के पार्टी कार्यालय में महानगर पदाधिकारी के चेहरे पर अराजक तत्वों ने इसमें मौजूद फोटो पर कालिख पोत दिया। यह सूचना जैसे ही पार्टी के पदाधिकारियों तक पहुंची, तो अफरातफरी में होर्डिंग को हटा दिया गया। मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया था।
संगठन में एकता की कमी
पार्टी के कुछ नेता कहते हैं कि इस समय संगठन में एकता की कमी देखने को मिल रही है। पिछले कुछ समय से पार्टी में नए पदाधिकारी के आने पर हंगामे की नौबत बनी रहती है। कभी दीवार पर कुछ लिख दिया जाता है और तो मारपीट की नौबत आ जाती है। नेताओं का कहना है कि यदि ऐसे ही हालात रहे तो संगठन में से लोग जुड़ने के बजाय कटना शुरू कर देंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को गाजियाबाद के संगठन की तरफ ध्यान देने की जरूरत है। जिससे पब्लिक का पार्टी पर विश्वास पैदा हो सके।
कार्यकर्ताओं में गुटबाजी
पार्टी के कुछ नेताओं ने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी इस समय एकता का अभाव और विश्वास की कमी दिख रही है। वह भी आपस में बंटे हुए हैं। हर पदाधिकारी के साथ कार्यकर्ता के अलग-अलग गुट जुड़े हुए हैं। एकता का अभाव बैठकों में भी देखने को मिलता है। अगर कार्यकर्ताओं में एकता नहीं आई तो इसका विपरीत असर आने वाले चुनाव में पार्टी को झेलना पड़ सकता है।