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सौगात : 31 मार्च से खुलेगा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, मंत्रालय ने लगाई मुहर 

Thu, 25 Mar 2021 04:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

  • 60 मिनट में पहुंचेंगे मेरठ वाले दिल्ली, सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने दी स्वीकृति 
  • डिस्प्ले पर देख सकेंगे आप कितनी गति से चला रहे हैं वाहन, ट्रैफिक पुलिस काट सकेगी चालान 
  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 80 और 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ सकेंगे वाहन 
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मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 31 मार्च से वाहन दौड़ेंगे। मेरठ से दिल्ली का सफर 60 मिनट में तय होगा। गाजियाबाद से मेरठ 30 मिनट में जा सकेंगे। आखिरकार एक्सप्रेसवे को खोलने की तारीख पर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने मुहर लगा दी है। 31 मार्च यानी बुधवार की सुबह एक्सप्रेसवे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। उससे पहले मंत्रालय टोल दरों से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे देगा। संभावना है कि एक अप्रैल से टोल वसूली शुरू हो जाएगी। पश्चिम यूपी और उत्तराखंड की कनेक्टिविटी के लिहाज से एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण साबित होगा।

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 चौथे चरण में डासना से मेरठ तक एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार हो गया है। बस अब रोड सेफ्टी से जुड़े कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। डासना में तैयार 700 मीटर की एलिवेटेड रोड की लोड टेस्टिंग अंतिम दौर में है। पूरे एक्सप्रेसवे पर स्पीड पर नजर रखने के लिए कैमरे लग गए हैं। बस एक दो दिन में कैमरों का ट्रायल किया जाएगा। इनकी मदद से हर पल वाहनों पर नजर रखी जाएगी। 

गाड़ी की स्पीड से लेकर गाड़ी में अंदर बैठे यात्री तक पर एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) कैमरों की मदद से नजर रखेगी। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि अगले दो दिन में कैमरे लगने का काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद ट्रायल रन किया जाएगा कि जिसमें देखा जाएगा कि एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरे नंबर वाहन पर लगी नंबर प्लेट, फास्टैग और वाहन की स्पीड को ठीक से ट्रैक कर पा रहे हैं या नहीं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे देश का पहला एडवांस एक्सप्रेसवे होगा, जिसमें चलती गाड़ी से टोल टैक्स कट जाएगा। 
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हर आठ से 10 किमी की दूरी पर एक्सप्रेसवे की प्रत्येक लेन के ऊपर डिस्प्ले लगाई गई, जिस पर चलते हुए वाहन की गति (योर स्पीड) को देख सकेंगे। एक्सप्रेसवे पर मालवाहक वाहनों के लिए 80 और कारों के लिए अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड से वाहन चल सकेंगे। दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी कम करने के लिए 2008 से कवायद शुरू की गई। उसके बाद 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद कवायद तेज की गई।   

ओवर स्पीड पर ट्रैफिक पुलिस काट सकेगी चालान 
एनएचएआई दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ की ट्रैफिक पुलिस को चालान के लिए वाहनों की स्पीड संबंधी डाटा भी उपलब्ध कराएगी। दिल्ली व यूपी के दोनों जिले अपने क्षेत्र में ओवर स्पीड वाहनों का डाटा के आधार पर ऑनलाइन चालान भी काट सकेंगे। इसको लेकर तीनों जगहों पर पुलिस व प्रशासन के साथ भी वार्ता चल रही है कि वो एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक से जुड़े डाटा का किस तरह से इस्तेमाल करेंगे।

पुलिस चाहेगी तो प्रतिदिन के हिसाब से चालान काट सकेगी या रियल टाइम चालान भी काट सकेगा। पूरे एक्सप्रेसवे का एक्सिस कंट्रोल डासना और परतापुर इंटरचेंज पर रहेगा। यूपी गेट से डासना तक का कंट्रोल डासना में रहेगा। डासना से मेरठ तक चौथे चरण का परतापुर इंटरचेंज पर कंट्रोल दिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे एक्सप्रेसवे का एक कंट्रोल डासना में ईस्टर्न पेरिफेरल के पास एनएचएआई की तरफ से बनाई जा रही बिल्डिंग में दिया जा रहा है। यहां पर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का भी एक्सिस कंट्रोल रहेगा। 

डासना में एक्सप्रेसवे पर चढ़ने-उतरने को पांच-पांच लेन 
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने के लिए डासना में पांच-पांच लेन उपलब्ध होंगी। चढ़ते और उतरते वक्त जाम की स्थिति न बने। इसके लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ पांच-पांच लेने के टोल बूथ बनाए गए है, लेकिन टोल बूथों के बीच में करीब 100 मीटर का अंतर रखा गया है। पहले दो लेन के दो बूथ बनाएं गए है। उसके बाद कुछ दूरी पर चलकर तीन लेन के टोल बूथ बनाए गए है। इस तरह के टोल बूथ दोनों तरफ बनाए गए हैं। 

मंत्रालय ने 31 मार्च की सुबह एक्सप्रेसवे को खोले जाने की स्वीकृति दे दी है। एनएचएआई से तैयारियां शुरू करने को कहा गया है। बीच में अलीगढ़ रेल लाइन वाले हिस्से को छोड़कर बाकी पर ट्रैफिक खोल दिया जाएगा। रेल लाइन वाले हिस्से पर काम चलता रहेगा। बाकी एक्सप्रेसवे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। टोल दरों से जुड़े प्रस्ताव को भी एक-दो दिन में स्वीकृति दे दी जाएगी।
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- जनरल वीके सिंह, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग राज्यमंत्री

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