16 लाख की आबादी पर एक सीएचसी, वह भी जर्जर
गाजियाबाद/लोनी। दिल्ली से सटे इलाके लोनी में स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। 30 साल पहले बने लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 16 लाख लोगों के इलाज की जिम्मेदारी है, स्थिति यह है कि केंद्र सिर्फ प्रसव केंद्र बनकर रह गया है। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल भवन के कई कमरे जर्जर हो चुके हैं। उनमें गंदगी होने से मच्छर भी पनपते रहते हैं। अस्पताल के गेट पर गंदा पानी भरा रहता है। लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
ओपीडी में प्रतिदिन 500 से छह सौ मरीज इलाज के लिए आते हैं। डॉक्टरों की कमी और जलभराव के कारण अधिकांश मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो है, लेकिन डेढ़ साल से बंद है, क्योंकि जांच करने वाले रेडियोलॉजिस्ट को महिला अस्पताल से अटैच कर दिया गया था। अस्पताल में एक्स-रे जांच की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अगर किसी मरीज को खून जांच कराने की जरूरत पड़ती है तो उसे बाहर का रुख करना पड़ता है। अस्पताल में खून जांच की व्यवस्था है, लेकिन जांच करने के संसाधन नहीं हैं। अस्पताल में सांस से संबंधित मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है, लेकिन अभी तक प्लांट चलाने के लिए ट्रांसफार्मर तक नहीं लगा सका है।
क्षेत्र की एक बड़ी आबादी अस्पताल में इलाज कराने, डिलिवरी, वैक्सीन के टीके लगवाने के लिए आती है। यहां इलाज कराने आए मरीजों को गंदगी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में 6 से 8 कमरे खंडहर हाल में हैं, जो कभी भी गिर सकता है। अस्पताल के पास एक गंदा तालाब बना है। जो थोड़ी सी बरसात में ओवर फ्लो हो जाता है। इससे गंदा पानी अस्पताल में भर जाता है। बरसात के दिनों अस्पताल में जलभराव होने से उसे बंद करना पड़ता है।
अस्पताल में कूड़ा डालने के लिए डस्टबिन बनाए गए हैं। डस्टबिन भी टूटे हुए हैं। अस्पताल में हाल ही में तीन भवन बनाए गए हैं। इसमें मेडिकल कचरा डाला जा रहा है। अस्पताल में बायो वेस्ट भी खुले में पड़ा रहता है।
नगरपालिका चेयरमैन ने कहा कि लोनी नगरपालिका ने लोनी सीएचसी को गोद लिया हुआ है। सीएचसी के सौंदर्यीकरण को लेकर 16 लाख रुपये का टेंडर छोड़ा है। जल्द सीएचसी में काम शुरू कराया जाएगा। इसके बाद जलभराव की समस्या समाप्त हो जाएगी।
सीएमओ ने कहा, लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित ऑपरेशन शुरू कराया जा रहा है। इसके लिए जरूरी डॉक्टर की नियुक्ति कराने के साथ ही संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।