दिल्ली के सदर बाजार क्षेत्र में प्रेमचंद परिवार के साथ रहते हैं। उनका बेटा भरत भूषण उर्फ शैंकी (32) नशे का आदी था। उसे डिफेंस कालोनी स्थित स्नेही फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। 23 जुलाई को जब पिता प्रेमचंद देखने पहुंचे तो वह वहां नहीं था। उन्हें बताया कि वह कहीं चला गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला।
परिजनों ने 28 जुलाई को टीलामोड़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला था। उन्होंने 11 अगस्त को टीलामोड़ थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उनके परिचित राजकुमार उनके यहां पहुंचे। जहां उन्होंने बताया कि वह 21 जुलाई को नशा मुक्ति केंद्र की ओर की तरफ किसी काम से गए थे। रात्रि में उन्होंने देखा कि नशा मुक्ति केंद्र संचालक सौरभ त्यागी और उसके बेटे मेहुल त्यागी सफेद कार में शैंकी को खून से लथपथ हालत में लेकर जा रहे थे।
परिजनों ने संचालक और उसके बेटे पर शैंकी की हत्या कर शव को छिपाने की आरोप लगाते हुए टीलामोड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है तभी से पुलिस आरोपी पिता-पुत्र की तलाश कर रही थी। पकड़े जाने के डर से 27 जुलाई को वहां से शव निकालकर रात में फिरोजपुर पुल के पास गंगनहर में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी सौरभ त्यागी की निशानदेही पर मृतक शैंकी के शव के अवशेष, कपड़े, फावड़ा और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की है।