देश में सबसे जहरीली गाजियाबाद की हवा
साहिबाबाद। गाजियाबाद में चल रहे निर्माण कार्यों पर रोक है। वहीं, ग्रेडेड रिस्पॉंस प्लान लागू होने के बावजूद शहर की हवा फिर से खतरनाक जोन में पहुंच गई है। स्थिति इतनी भयानक है कि बृहस्पतिवार को गाजियाबाद का वायु प्रदूषण स्तर देश में 432 के साथ पहले स्थान पर दर्ज हुआ। यहां पीएम 10 मानक से तीन गुना और पीएम 2.5 मानक से पांच गुना ज्यादा पाया गया। उधर, प्रदूषण के मामले में ग्रेटर नोएडा का वायु प्रदूषण स्तर 417 के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इधर, वसुंधरा का वायु प्रदूषण स्तर 453 के साथ सबसे खतरनाक जोन में दर्ज किया गया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर में प्रदूषण स्तर का पता लगाने के लिए 10 दिन की स्टेट्स रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगी थी। यह रिपोर्ट जमा कराने के बाद संभवत: शुक्रवार या फिर सोमवार को निर्माण कार्य पर कोई दिशा-निर्देश मिलता सकता है। फिलहाल इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इधर, दिन में मौसम में थोड़ी गर्मी होने और हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। जब तक कोहरे पूरी तरह से नहीं पड़ेगा, प्रदूषण में कमी तेजी से नहीं आएगी। उनका कहना है कि रात में प्रदूषण कोहरा पड़ने की वजह से कम हो रहा है। अब जब तक हवा नहीं चलेगी या कोहरा नहीं पड़ेगा, तब तक प्रदूषण में ज्यादा गिरावट दर्ज नहीं होगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों को देखे तो बृहस्पतिवार को गाजियाबाद देश में सबसे प्रदूषित शहर रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में 432 दर्ज किया गया। शहर के चारों प्रदूषण जांच केंद्रों पर एक्यूआई 400 से अधिक रहा। बता दें कि वायु प्रदूषण की स्थिति खराब होने से पिछले 15 अक्तूबर से जिले में ग्रेप लागू है। इसके बावजूद हवा में सुधार नहीं हो रहा है। हालांकि पिछले सप्ताह झमाझम बारिश के कारण हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ, जिसके कारण हवा की गुणवत्ता ग्रीन जोन में दर्ज की गई थी, लेकिन उसके बाद से लगातार वायु प्रदूषण की स्थिति खराब चल रही है। 10 नवंबर के बाद से गाजियाबाद देश में छठवीं बार सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा है।
वसुंधरा सबसे प्रदूषित इलाका
पीसीबी के आंकड़ों पर नजर डालें तो वसुंधरा का वायु प्रदूषण 453 के साथ पहले स्थान पर दर्ज किया गया। जबकि संजय नगर में 432 एक्यूआई के साथ चार स्टेशनों में प्रदूषण स्तर सबसे कम दर्ज हुआ। वहीं, दूसरे नंबर पर लोनी का इलाका रहा। वहां पर वायु प्रदूषण 452 मापा किया गया। इसके अलावा तीसरे नंबर पर इंदिरापुरम में प्रदूषण स्तर 432 पर प्राप्त हुआ।