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22 करोड़ के मुआवजा घोटाले में 12 वां केस दर्ज

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22 करोड़ के मुआवजा घोटाले में 12 वां केस दर्ज
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के 22 करोड़ के मुआवजे घोटाले में बिल्डर गोल्डी गुप्ता पर 12वां केस दर्ज कराया गया है। इसमें आरोप है कि उसने ग्राम सभा की 3160 वर्ग मीटर बंजर जमीन को कागजों में हेराफेरी कराकर अपने नाम दर्ज कराया और फिर बेच दिया। अशोक सहकारी समिति बनाकर फर्जीवाड़ा करने वाले गोल्डी पर अभी और भी केस दर्ज हो सकते हैं। एसआईटी को कई शिकायतें मिली हैं। उनकी जांच चल रही है।
सिहानी गेट थाना में 12वीं एफआईआर रसूलपुर सिकरोड़ा गांव के मामले में दर्ज कराई गई है। यह मामला 1999 का है। सफदरजंग एंक्लेव, नई दिल्ली के निवासी गोल्डी गुप्ता ने बंजर जमीन नेहरू नगर निवासी पवन कुमार को बेची थी। पुराने राजस्व अभिलेखों में यह जमीन बंजर में दर्ज मिली। बैनामा दस्तावेज की जांच में मामला पकड़े जाने पर गोल्डी और पवन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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तीन गांवों में बेची गई 80 बीघा बंजर जमीन
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद राजस्व अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर बंजर जमीन सरकार को बेचकर 22 करोड़ से अधिक का मुआवजा हड़पने वालों की प्रशासन कुंडली खंगाल रहा है। रसूलपुर सिकरोड़ा, मटियाला, डासना गांव के राजस्व अभिलेखों और बैनामोें की जांच कराई जा रही है। इन गांवों में अशोक संयुक्त सहकारी खेती समिति और अशोक सहकारी गृह निर्माण समिति के सदस्यों की ओर से 80 बीघा से अधिक बंजर जमीन को फर्जीवाड़ा कर बेचने का मामला जांच में पकड़ा जा चुका है। प्रशासन की ओर से अब सभी मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
12 केस में 14 आरोपी पर गिरफ्तारी सिर्फ दो की
तीन गांवों में बंजर जमीन को बेचने के मामले में 36 दिन में 12 रिपोर्ट दर्ज कराई गई है जिनमें 14 आरोपी हैं लेकिन गिरफ्तारी केवल दो आरोपियों की हो सकी है। 20 मई को पहली रिपोर्ट सिहानी गेट थाने में दर्ज कराई गई थी। इसमें अरुण गुप्ता, किशमिश, फतेह मोहम्मद, सुधाकर मिश्रा, तत्कालीन राजस्वकर्मी, सब रजिस्ट्रार, राजस्वकर्मी, भूमि अध्याप्ति नाम है। दूसरी रिपोर्ट इसी थाने में 23 मई को अरुण गुप्ता, गोल्डी गुप्ता और सुधाकर मिश्रा के खिलाफ दर्ज कराई गई। दोनों रिपोर्ट रसूलपुर सिकरोड़ा में बंजर जमीन को बेचने के आरोप में दर्ज कराई गई। दो जून को कविनगर थाने में प्रबंधक अशोक गृह निर्माण समिति और समिति के सचिव अरुण गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मटियाला गांव में बंजर जमीन बेचने के मामले में 15 जून को सिहानी गेट थाने में गोल्डी गुप्ता, आरके सिंह, धनेंद्र कुमार, सुनील कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके अलावा बंजर जमीन की खरीदफरोख्त करने के मामले में नेहरूनगर निवासी विवेक जैन और संगीता जैन, कल्लू गढ़ी, दलशेर, डासना निवासी सुगरा के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। सभी एफआईआर में अशोक संयुक्त सहकारी खेती समिति और अशोक सहकारी गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष गोल्डी गुप्ता और अरुण कुमार के नाम शामिल हैं। सिहानी गेट के एसएचओ पीके त्रिपाठी ने बताया कि जो भी आरोपी गिरफ्त से दूर हैं, उनकी तलाश की जा रही है। जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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एडीएम प्रशासन रितु सुहास का कहना है कि एसआईटी जांच चल रही है। जिन गांवों में समिति की ओर से फर्जीवाड़ा कर बंजर जमीन बेची गई है उस गांव के हर खसरे नंबर की जांच की जा रही है। बैनामों की जांच राजस्व अधिकारी कर रहे हैं। जो भी अधिकारी- कर्मचारी जमीन घोटाले में लिप्त रहे हैं उन पर भी कार्रवाई होगी।
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