150 मैनहोल खुले मिले, वबाग पर लगा 15.75 लाख का जुर्माना
गाजियाबाद। शहर में 150 खुले मैनहोल को मरम्मत कराकर नहीं ढकवाने पर चेन्नई की नामचीन कंपनी वीए टेक वबाग पर नगर निगम ने 15.75 लाख का जुर्माना लगाया है। यह तीसरा मौका है जब कंपनी पर जुर्माना लगा है, इससे पहले नगर निगम दो बार 45-45 लाख की पेनाल्टी लगा चुका है। बावजूद इसके कंपनी की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ‘वन सिटी, वन ऑपरेटर’ योजना के तहत वीए टेक वबाग कंपनी को गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, पिलखुवा समेत कई अन्य शहरों में सीवर मेंटेनेंस और एसटीपी संचालन का ठेका दिया गया है। करीब दो साल पहले कंपनी ने गाजियाबाद में सीवर लाइनों की मेंटेनेंस का जिम्मा लिया तो हालात और खराब हो गए। लाइनों से सिल्ट नहीं निकाली गई। इसकी वार्डों में लगातार समस्याएं बढ़ रही हैं। नगर निगम के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने कंपनी पर इसी साल दो बार 45-45 लाख की पेनाल्टी लगाकर शासन को संस्तुति भेजी। इसके बाद इस रकम की कटौती कंपनी को किए जाने वाले भुगतान से की गई।
अप्रैल माह में महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी की ओर से कंपनी के पदाधिकारियों को शहर में खुले मैनहोल की लिस्ट दी गई थी। कंपनी ने इसमें से 150 मैनहोल को दी गई निर्धारित अवधि में रिपेयर कराकर ढकवाए नहीं। यह हाल तब है जब बीते महीने गोविंदपुरम में खुले मैनहोल में तीन साल की एक बच्ची गिर गई थी। हालांकि लोगों ने उसे बचा लिया था। नोटिस देने के बाद भी कंपनी ने काम न किया तो उन्होंने कंपनी पर 15.75 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाकर संस्तुति शासन को भेज दी है।
हर मेनहोल के लिए रोजाना 350 रुपये देना पड़ेगा जुर्माना
नगर निगम ने हर खुले मेनहोल के लिए रोजाना 350 रुपये का जुर्माना लगाया। यानी 150 मेनहोल के लिए रोजाना 52500 रुपये जुर्माना लगाया गया। महीने भर में यह रकम 15.75 लाख पहुंच गई।
सूची के बाद भी नहीं ढकवाए मेनहोल
बच्ची के मेनहोल में गिरने पर कंपनी को नोटिस देकर खुले मैनहोल की सूची दी गई थी। इसके बाद भी समय पर मेनहोल को ढकवाया नहीं गया। इसकी वजह से कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। - आनंद त्रिपाठी, महाप्रबंधक जल