एलिवेटेड रोड पर टोल लगाने के लिए होगा सर्वे
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन करहेड़ा से यूपी गेट तक देश की सबसे लंबी सिंगल पिलर एलिवेटेड रोड पर आने वाले महीनों में लोगों को टोल देना पड़ सकता है। 10.3 किमी लंबी एलिवेटेड रोड पर टोल वसूली के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में मंथन शुरू हो गया है। टोल वसूली की संभावनाओं को तलाशने के लिए प्राधिकरण की ओर से सर्वे के आदेश दिए गए हैं। एलिवेटेड रोड पर एक ओर से न्यूनतम पांच और दोनों ओर से अधिकतम 15 रुपये टोल वसूली की योजना है।
अभियंत्रण अनुभाग के सर्वे में अगर हरी झंडी मिलती है तो फिर योजना को लागू किया जाएगा। संभावित टोल की दरों में बाद में बदलाव भी किया जा सकता है। देश की सबसे लंबी सिंगल पिलर पर जीडीए की ओर से 1147 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। मार्च 2018 में शुरू हुई एलिवेटेड रोड से राजनगर एक्सटेंशन, करहेड़ा केसाथ मेरठ की ओर से आने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलती है। एलिवेटेड रोड से रोजाना करीब एक लाख वाहन गुजरते हैं, लेकिन प्रोजेक्ट की वजह से प्राधिकरण को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा रहा है। अब कुछ आमदनी के मकसद से टोल लगाने की योजना पर मंथन शुरू हुआ है। जीडीए मुख्य अभियंता विवेकानंद सिंह का कहना है कि प्रारंभिक रूप से अभी एलिवेटेड रोड पर टोल की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। अध्ययन के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
2019 में बनी थी योजना, विवाद के बाद निर्णय वापस
एलिवेटेड रोड पर टोल वसूली की योजना पर 2019 में भी जीडीए की ओर से काम शुरू किया गया था। टोल की दरों पर प्राधिकरण स्तर से मंथन भी शुरू हो गया था लेकिन जीडीए के निर्णय का स्थानीय भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर जमकर विरोध शुरू कर दिया था। करीब एक सप्ताह तक चले विरोध के बाद जीडीए ने टोल वसूली की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।