अगले साल से शुरू हो जाएगा ग्रीन फील्ड इकॉनोमिक कॉरिडोर का निर्माण
गाजियाबाद। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद गाजियाबाद से कानपुर तक बनने वाले ग्रीन फील्ड इकॉनोमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण कर इसका निर्माण अगले साल से शुरू हो जाएगा। 2025 तक बनकर तैयार हो जाने वाले इस कॉरिडोर के जरिए लोग शताब्दी और तेजस जैसी सुपरफास्ट ट्रेन से भी कम समय में गाजियाबाद से कानपुर तक का सफर कर सकेंगे। इन दोनों ट्रेनों से कानपुर तक के सफर में करीब 4:30 घंटे लगते हैं, लेकिन कॉरिडोर के रास्ते कार से यह सफर महज तीन घंटे में पूरा हो जाएगा। यह कॉरिडोर 36 माह में बनकर तैयार हो जाएगा।
गाजियाबाद के सांसद व केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री वीके सिंह ने 2019 में इस कॉरिडोर के बनाए जाने की सिफारिश की थी। इसके बाद इसकी फिजिबिलिटी की जांच कराई गई और अब मंत्रालय ने इसे मंजूरी दे दी है। अब इसका डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जनवरी तक डीपीआर बनकर तैयार हो जाएगी। 380 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर गाजियाबाद में मसूरी के पास और हापुड़ में बाईपास के पास एनएच-9 से जुड़ेगा। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2023 तक इस कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद दो साल में निर्माण कार्य पूरा कर इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
8 लेन का डिजाइन, पहले बनाई जाएंगी चार लेन
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्यमंत्री वीके सिंह का कहना है कि इस ग्रीन कॉरिडोर का डिजाइन आठ लेन का बनाया जाएगा और जमीन अधिग्रहण भी की जाएगी, लेकिन पहले चरण में चार लेन का निर्माण कराया जाएगा। हालांकि अंडरपास, फ्लाईओवर और सर्विस रोड का निर्माण छह लेन का कराया जाएगा, ताकि चौड़ीकरण में दिक्कत न हो।
मेरठ, हापुड़ व अमरोहा से आने वाले वाहन सीधे गलियारे पर जा सकेंगे
गाजियाबाद से ट्रैफिक को कॉरिडोर पर जाने के लिए हापुड़ नहीं आना पड़ेगा। मसूरी से सीधे कानपुर के लिए कॉरिडोर पर जा सकेंगे। मेरठ, हापुड़ अमरोहा की ओर से आने वाले वाहन हापुड़ बाईपास से इस गलियारे पर आकर कानपुर जा सकेंगे।
ग्रीन कॉरिडोर से जुड़ने वाले जिले
गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, कानपुर।